रायपुर, 03 सितंबर 2025:
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 25 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। ये सभी अपनी मांगों को लेकर 18 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे, जिसके कारण राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही थीं।
सरकार की चेतावनी और कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने कई बार नोटिस जारी कर हड़ताली कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए कहा था, लेकिन इसके बावजूद वे वापस नहीं लौटे। 29 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने एक आदेश जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं, तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इस आदेश के बाद भी कर्मचारियों का काम पर न लौटना अनुशासनहीनता माना गया।
लोकहित को किया दरकिनार
शासन का कहना है कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हड़ताल के कारण मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। विभाग ने इस हड़ताल को नियम विरुद्ध आचरण की श्रेणी में रखा है और कहा है कि यह राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावित करने वाला कदम था।
मांगों पर बातचीत थी जारी
गौरतलब है कि हड़ताल से पहले, 13 अगस्त 2025 को हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में कर्मचारियों की 10 मांगों में से 5 पर सहमति बन गई थी और उन पर आदेश भी जारी हो चुके थे। शेष मांगों पर सरकार स्तर पर विचार-विमर्श जारी था। इसके बावजूद, कर्मचारियों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया।
स्वास्थ्य विभाग ने आंदोलनरत 25 अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है और बाकी मामलों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।



