
राजनांदगांव: गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने, गौ तस्करी पर रोक लगाने और गौ हत्या के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर शिवसेना राजनांदगांव ने एक बड़ा महा हस्ताक्षर अभियान चलाया है। इस अभियान को जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है, और इसके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने गौ रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
शिवसेना राजनांदगांव के विधानसभा अध्यक्ष मुकेश साहू ने बताया कि प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के निर्देश पर 3 जुलाई से यह अभियान शुरू हुआ था। दुर्ग संभाग में किसान सेना प्रदेश अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव कमल सोनी और अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर और प्रमुख चौराहों पर स्टॉल लगाकर लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
अभियान का प्रभाव
शिवसेना के इस महा हस्ताक्षर अभियान का असर 20 दिनों के भीतर ही दिखाई देने लगा। 23 जुलाई को मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें गौ सुरक्षा पर विशेष चर्चा की गई। इसके बाद, प्रशासन भी हरकत में आया और जिलों में बैठकों का दौर शुरू हो गया। हाल ही में राज्य सरकार ने गौ धाम बनाने और गौ सेवकों की नियुक्ति का भी निर्णय लिया है।
प्रमुख मांगें अभी भी अधूरी
मुकेश साहू ने बताया कि भले ही सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन शिवसेना की कुछ प्रमुख मांगें अभी भी अधूरी हैं। इन मांगों में गौ माता को राज्य माता का दर्जा देना, गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना और गौ हत्या करने वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करना शामिल है। जब तक ये सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक शिवसेना का संघर्ष जारी रहेगा।
रविवार को ग्राम अर्जुनी में भी एक स्टॉल लगाकर महा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें मुकेश साहू के साथ चिन्तानन्द साहू, कौशल वशिष्ठ, हरेंद्र मालेकर और बड़ी संख्या में शिवसैनिक उपस्थित रहे। यह अभियान गौ तस्करी को रोकने और गौ माता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार पर दबाव बनाए रखेगा।




