नागपुर से पकड़ा गया साइबर फ्रॉड का सरगना, कंबोडिया-दुबई से जुड़े तार

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राजनांदगांव -28 अगस्त, 2025

राजनांदगांव पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो कंबोडिया और दुबई में बैठे साइबर फ्रॉड सेंटरों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे धोखे के लिए फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराता था। आरोपी की गिरफ्तारी नागपुर से की गई है, और यह कार्रवाई साइबर सेल तथा बसंतपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की है।

क्या था मामला?

‘मिशन साइबर सुरक्षा’ के तहत, राजनांदगांव के एक पीड़ित को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताया और पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग के एक फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया जाएगा। आरोपी ने धमकी भरे वीडियो कॉल भी किए और खुद को ईडी का डायरेक्टर बताया ताकि पीड़ित डर जाए।

आरोपी ने पीड़ित के बैंक खातों का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए होने की धमकी दी और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार वीडियो कॉल पर बने रहने और 25 लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा। डर कर पीड़ित ने यूनियन बैंक खाते से 25 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में जमा कर दिए।

पुलिस ने ऐसे सुलझाया केस

शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने जांच शुरू की और पाया कि आरोपी फर्जी तरीके से मोबाइल सिम एक्टिवेट कराकर साइबर धोखाधड़ी के लिए कंबोडिया और दुबई स्थित साइबर सेल सेंटरों को सिम सप्लाई करता था। इस जानकारी के आधार पर, पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करते हुए आरोपी की लोकेशन का पता लगाया।

पुलिस टीम ने आरोपी गुणवंत राम राव मते (उम्र 34 वर्ष) को नागपुर के निवासी ग्राम तोड़की से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ बसंतपुर थाने में अपराध क्रमांक 363/25, धारा 419, 319(2), 3(5), भारतीय न्याय संहिता और 66, 66(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस की अपील

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राजनांदगांव पुलिस ने जनता से अपील की है कि:

➡️ किसी भी अनजान या संदिग्ध वीडियो कॉल पर, जो खुद को सरकारी अधिकारी बताए, बिल्कुल भरोसा न करें।

➡️ किसी भी परिस्थिति में बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर न करें या अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें।

➡️ यदि आपको ऐसी कोई धमकी मिलती है, तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या अपनी नजदीकी थाना या साइबर सेल में जाकर सूचना दें।

 

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Author: Deepak Vaishnava

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