➡️ 950 मरीजों का पंजीयन व उपचार

➡️प्राचीन चिकित्सा पद्धति हमारी धरोहर
डोंगरगांव
नगर में आयुष विभाग द्वारा एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय नि:शुल्क रोग निदान आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर आयुष स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आये हुए लगभग 950 मरीजों का पंजीयन व उपचार किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी कोमल सिंह राजपूत के मुख्य आतिथ्य तथा पूर्व जिपं अध्यक्ष दिनेश गांधी की अध्यक्षता में हुआ। बतौर विशेष अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अंजू त्रिपाठी, पूर्व नपं अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण गुप्ता उपस्थित थे।
कार्यक्रम का प्रारंभ करते हुए अतिथियों ने सर्वप्रथम आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरी की पूजा अर्चना की। पश्चात् अतिथियों व जनप्रतिनिधियों ने शिविर में लगे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन करते हुए अंचल से आए मरीजों का हालचाल भी जाना। इस दौरान सभी अतिथियों व आमजनों को आयुष विभाग द्वारा काढ़ा भी वितरित किया गया। इस अवसर पर मुख्यअतिथि कोमल सिंह राजपूत ने कहा कि आयुर्वेद व आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति हमारे देश की प्राचीन व प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है। यह हमारे देश महान धरोहर व हमारे देश की पहचान भी है। आयुर्वेद हमारे दादी नानी के नुस्खे की तरह हर घर की रसोई में विद्यमान है, भले ही हम आज एलोपैथी की ओर भागते हैं, पर हर मर्ज का इलाज आज आयुर्वेद पद्धति में मौजूद है। आवश्यकता आज उसे अपनाने एवं उस पर विश्वास करने की है। उन्होनें कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं आयुर्वेद को महान चिकित्सा पद्धति के रूप में पुन: इस देश में स्थापित करने पर बल देते हुए स्वदेशी अपनाने का आव्हान् पूरे देश से बार बार कर रहे हैं। आयुर्वेद के क्षेत्र में असीम संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार हर संभव कोशिश कर रही है और उसे सफलता भी मिल रही है।
श्री राजपूत ने सभी से अपील की कि सभी को अपने उत्तम स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद को अपनाना चाहिये। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन के लिए आयुष विभाग के समस्त अधिकारियां व कर्मचारियों को बधाई देते हुए गांव गांव में स्वास्थ्य सजगता के लिए मितानिनों की भी तारीफ की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे दिनेश गांधी ने कहा कि आयुर्वेद की महत्ता हम सभी ने कोरोना कॉल में समझा, जब हमारे घर, खासकर रसोई घर में उपलब्ध अनेक वस्तुओं के उपयोग से हम सभी कोरोना जैसी विषम परिस्थिति से मुकाबला कर सके।
आयुष शिविर में 950 मरीजों का हुआ उपचार
लगभग प्रत्येक छ: महिने के अंतराल में वर्ष में दो बार आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में इस बार लगभग 950 मरीजों का पंजीयन व उपचार किया गया। इनमें लगभग 76 ने नेत्र जांच व 285 ने रक्त परीक्षण भी करवाया। इसके अलावा होम्योपैथी में कुल 366 मरीजों तथा आयुर्वेदिक में कुल 584 मरीजों का उपचार किया गया। शिविर में अनेक मरीजों को नि:शुल्क दवाईयों तथा मालिश तेल आदि का भी वितरण किया गया।
शिविर में समाजसेवी तरुण लहरवानी, रामकिशन माहेश्वरी, डीकेश साहू, गुलशन हिरवानी, रामकुमार गुप्ता, दीना पटेल, हेमंत चोपड़ा, जीवनदीप समिति सदस्य विवेक मंडावी, संदीप जैन, पार्षद कोमल साहू, श्रीमती पदमिनी ठाकुर, लक्ष्मीनारायण सेन, रमेश सोनी, संतोष यादव, सतीश पाण्डेय, अजय वैष्णव, भाविश निक्की आदि भी उपस्थित थे। शिविर को सफल बनाने में शिविर प्रभारी डॉ. वर्षा नागवंशी, डॉ. अनिरूद्ध पटेल, डॉ. श्रेयता कुरोठे, डॉ. मधु बंछोर, डॉ. रेखा साहू, डॉ. प्रीति बोरकर, डॉ. खिलेश, फार्मासिस्ट सुनील अग्रवाल, बसंत सिंह राजपूत, अनिल ताम्रकार, सरोजलता देवांगन, सविता कोरेटी, बिसाहू ठाकुर, रूपेन्द्र साहू, त्रिवेणी साहू, सुरेखा बंजारे, विश्ेाश्वर सिंह कंवर, भोगराम चंद्रवंशी, सोमकांत चंद्राकर, दीपक कोर्राम, गजेन्द्र ठाकुर, दिलीप भिमटे आदि का योगदान सराहनीय रहा।




