​ग्राम भेड़ीकला की ‘लखपति दीदी’ संगीता ने अपनी मेहनत से खोला खुशियों का पिटारा

Picture of Deepak Vaishnava

Deepak Vaishnava

FOLLOW US:

SHARE:

​ग्राम भेड़ीकला की 'लखपति दीदी' संगीता ने अपनी मेहनत से खोला खुशियों का पिटारा
Spread the love

​ग्राम भेड़ीकला की 'लखपति दीदी' संगीता ने अपनी मेहनत से खोला खुशियों का पिटारा

राजनांदगांव, 22 अगस्त 2025

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए किसी जादुई चिराग से कम नहीं है। इसी का जीता-जागता उदाहरण हैं राजनांदगांव के ग्राम भेड़ीकला की संगीता देवांगन, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से ‘लखपति दीदी’ बनकर एक नई मिसाल कायम की है। संगीता ने न सिर्फ अपनी किस्मत बदली, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।

​संगीता देवांगन ने लक्ष्मी स्वसहायता समूह से 50,000 रुपये का ऋण लेकर रेडिमेड कपड़ों का एक छोटा सा व्यवसाय शुरू किया। उनकी सूझबूझ और कड़ी मेहनत का नतीजा यह है कि आज इस दुकान से उनकी सालाना आय लगभग 6 लाख रुपये है। उनकी यह सफलता सिर्फ एक दुकान तक सीमित नहीं है। वे एक मल्टीटास्कर हैं जो कई मोर्चों पर काम करती हैं।

​अपने कपड़ों के व्यवसाय के अलावा, संगीता देवी माध्यमिक शाला भेड़ीकला में मध्यान्ह भोजन का संचालन करती हैं और बैंक सखी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं। इन कामों से उनकी आय में और भी बढ़ोतरी हुई है।

​इन सबके साथ, संगीता ने एक ऑनलाइन सेंटर भी खोला है। इस सेंटर से वे आधार कार्ड, पैन कार्ड, ऑनलाइन फॉर्म, बैंकिंग सेवाएं, श्रमिक कार्ड पंजीकरण, बिजली बिल, मोबाइल रिचार्ज और आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने जैसे कई काम करती हैं। इन सभी प्रयासों ने मिलकर उनकी वार्षिक आय को एक प्रभावशाली स्तर पर पहुंचा दिया है।

​संगीता देवांगन ने बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें आसानी से बैंक से लोन मिल जाता है, जिससे उन्हें अपना व्यवसाय बढ़ाने में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के लिए बहुत अच्छी है और इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।

​उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का इस योजना के लिए आभार व्यक्त किया और अन्य महिलाओं से भी बिहान से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आग्रह किया। संगीता की यह कहानी साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।

Deepak Vaishnava
Author: Deepak Vaishnava

.

Leave a Comment