
राजनांदगांव। जिले की पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने आज डोंगरगांव थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिसिंग की गुणवत्ता सुधारने और क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल फाइलों और दस्तावेजों की जांच की, बल्कि मैदानी स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों से सीधा संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
पुलिस अधीक्षक ने थाना भवन, परिसर की साफ-सफाई और अभिलेख संधारण (रिकॉर्ड कीपिंग) की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाने के सभी रजिस्टर अद्यतन और व्यवस्थित होने चाहिए। विवेचकों के पास लंबित पड़े अपराध, मर्ग और शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि जांच में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण और शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता की सुरक्षा और अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एसपी ने कहा कि थाने में आने वाली हर रिपोर्ट पर तत्काल वैधानिक कार्यवाही की जाए। उन्होंने निगरानीशुदा बदमाशों और संदिग्धों की नियमित चेकिंग करने के साथ-साथ बीट अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि पुलिसकर्मी विश्वसनीय मुखबिर विकसित करें ताकि सूचना तंत्र और अधिक मजबूत हो सके।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक हेमंत सूर्यवंशी को चोरी के प्रकरण में सराहनीय कार्य करने पर पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर अनुभागीय अधिकारी (पुलिस) डोंगरगांव मंजूलता बाज और थाना प्रभारी आशीर्वाद रहटगांवकर सहित थाने के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।




