राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर राजनांदगांव जिला प्रशासन ने जिले के स्कूलों में छात्रों के लिए एक अनोखे और व्यापक कार्यक्रम का आयोजन किया है। इस पहल का उद्देश्य केवल शिक्षा नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। रंगोली, चित्रकला से लेकर कबड्डी और निबंध लेखन तक, यह आयोजन बच्चों की छुपी हुई प्रतिभाओं को उजागर करने का एक सुनहरा अवसर बन गया है।
मुख्य आकर्षण:
प्रतिभा का प्रदर्शन: शासकीय और गैर-शासकीय स्कूलों के छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। रंगोली, चित्रकला, पोस्टर मेकिंग और स्लोगन लेखन जैसी कलात्मक गतिविधियों में उनकी रचनात्मकता देखते ही बनती थी।
ज्ञान और मनोरंजन का संगम: म्यूजिक चेयर और कबड्डी जैसे खेलों ने कार्यक्रम में जोश और उत्साह भर दिया। ये प्रतियोगिताएं छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों का महत्व भी समझाती हैं।
स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान: जंगलपुर में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किशोरियों और बच्चों के लिए एक मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। यह कदम दिखाता है कि प्रशासन छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर है।
कार्यक्रम में व्यापक भागीदारी:
यह आयोजन केवल एक स्कूल कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक सामुदायिक उत्सव बन गया था। इसमें जनप्रतिनिधियों, पंचायत सदस्यों, स्कूल प्राचार्यों, शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सबसे महत्वपूर्ण, बड़ी संख्या में माताओं और किशोरियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
राजनांदगांव जिले के इस पहल की तारीफ हो रही है, क्योंकि यह न केवल सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्वास्थ्य और शिक्षा के बीच एक मजबूत पुल का निर्माण भी कर रहा है। यह आयोजन एक उदाहरण है कि कैसे सरकारी कार्यक्रम केवल औपचारिकता न होकर, जन-कल्याण का एक सच्चा माध्यम बन सकते हैं।



