➡️ कहा – अन्य जिलों से लाकर शहर में छोड़ी जा रही बीमार गाय

राजनांदगांव
शहर में आवारा पशुओं की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में अन्य जिलों से गाय लाकर छोड़े जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे न केवल शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर असर पड़ रहा है बल्कि नागरिकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा के वरिष्ठ पार्षद शिव वर्मा ने इस मुद्दे पर प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
श्री वर्मा ने कहा कि शहर में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जिससे नागरिकों में चिंता का माहौल है। शहर में बाहर के जिलों से बड़ी संख्या में गायों को लाकर छोड़ा जा रहा है। विशेष रूप से श्रमिक बाहुल्य इलाकों में देर रात के समय ट्रकों या पिकअप वाहनों से बीमार और अशक्त गायों को उतार दिया जाता है। इनमें से कई गायें चलने-फिरने की स्थिति में भी नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि इन गायों के कारण शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर गोबर और गंदगी बढ़ती जा रही है। इसके चलते न केवल वातावरण दूषित हो रहा है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। साथ ही यातायात व्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तुरंत जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। बाहरी जिलों से गाय लाकर शहर में छोड़ने वालों पर कड़ी सजा होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। उन्होंने नगर निगम से भी अपील की कि आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की व्यवस्थित गौशाला व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्थानीय नागरिकों ने भी बताया कि शहर के कई इलाकों जैसे लखोली, कन्हारपुरी, नदई, चिखली, शांति, तुलसीपुर, मोतीपुर, नवागांव, मानव मंदिर चौक, हाट बाजार, गांधी चौक, जनता कॉलोनी, बसंतपुर, सोमनी रोड आदि में आवारा गायों का झुंड आम नजारा बन गया है। कई बार वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं और बच्चे स्कूल जाते समय डर महसूस करते हैं। शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन अगर जल्द कदम नहीं उठाता तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।




