
राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ – अछोली में सुदर्शन पर्वत पर प्रतिमा तोड़े जाने का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष रविंद्र रामटेके ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। इस पत्र में उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। यह पत्र अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे समुदाय में गुस्सा और भी बढ़ गया है।
‘विकृत मानसिकता’ पर जोर
रामटेके ने अपने पत्र में लिखा है कि कुछ असामाजिक तत्व लगातार अनुसूचित जाति वर्ग के महापुरुषों और प्रतीकों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने इस घटना को विकृत मानसिकता का नतीजा बताया और कहा कि ऐसे अपराध समाज की भावनाओं और आस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने खास तौर पर अछोली की घटना को बहुत शर्मनाक बताया।
दोषियों के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग
पत्र में रामटेके ने साफ तौर पर पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस आपराधिक काम को करने वाले दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कड़ी कार्रवाई की जाए, जो भविष्य में इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए एक सबक बन सके। उनकी इस मांग से पता चलता है कि यह मुद्दा समुदाय के लिए कितना गंभीर है।
कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
यह पत्र रामटेके के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने जल्द कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। पत्र सौंपकर उन्होंने अपनी मांग को औपचारिक रूप दे दिया है, जिससे पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। समुदाय और मोर्चा के कार्यकर्ता अब पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। अगर जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी गरमा सकता है।




