➡️राजनांदगांव के इतिहास में पहली बार, 1st Khabar 24 न्यूज़ पोर्टल द्वारा संघर्ष की शक्ति राजनांदगांव नाम से एक विशेष मुहिम की शुरुआत की जा रही है।

राजनांदगांव (संपादकीय 1stkhabar24 – दीपक कुमार वैष्णव): समाज अक्सर चमक-धमक और ऊंचे पदों वाली महिलाओं की जय-जयकार करता है। लेकिन असल ‘शक्ति’ तो उन गलियों और खेतों में है, जहाँ एक माँ, एक बेटी या एक विधवा बहू बिना किसी सरकारी मदद के, अपनी सूजी हुई उंगलियों और फटे हुए हाथों से पूरे परिवार की तकदीर लिख रही है।
कौन है ये ‘संघर्ष की शक्ति’?
वह 22 साल की विधवा बेटी, जिसने पति को खोने के बाद चूड़ियां तो तोड़ीं, लेकिन हिम्मत नहीं। जो सिलाई मशीन चलाकर अपने बच्चों को स्कूल भेज रही है और बीमार सास-ससुर की लाठी बनी हुई है। वह अविवाहित बेटी, जिसने अपनी शादी की उम्र को परिवार की गरीबी की भेंट चढ़ा दिया और आज मजदूरी कर अपने बूढ़े माता-पिता का पेट पाल रही है।
दीपक कुमार वैष्णव का संकल्प
1st Khabar 24 न्यूज़ पोर्टल के संपादक के नाते, मैंने यह संकल्प लिया है कि हम ऐसी “संघर्षशील देवियों” को गुमनामी के अंधेरे से बाहर लाएंगे। हम उनके संघर्ष की कहानी दुनिया को बताएंगे ताकि उन्हें समाज में वह सम्मान मिले जिसकी वे हकदार हैं। यह सिर्फ न्यूज़ नहीं, बल्कि उन स्वाभिमानी महिलाओं के प्रति हमारा नमन है जो किसी के आगे हाथ नहीं फैलातीं, बल्कि अपनी मेहनत से घर चलाती हैं।
हम क्या करेंगे?
हम ऐसी हर महिला का सचित्र परिचय और प्रेरक कहानी अपने पोर्टल पर प्रमुखता से चलाएंगे।
उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं (जैसे पेंशन, स्वरोजगार योजना) से जोड़ने के लिए मार्गदर्शन देंगे।
समाज के सक्षम लोगों को उनके संघर्ष से अवगत कराएंगे ताकि उनकी मदद हो सके।
जनता से अपील
“अगर आपके गाँव या मोहल्ले में ऐसी कोई ‘हिम्मत वाली महिला’ है जो खामोशी से संघर्ष कर रही है, तो हमें बताएं। उनकी साख और सम्मान की रक्षा करना हमारा दायित्व है।”
📞 सीधे मुझसे संपर्क करें: 7803030002 (दीपक कुमार वैष्णव, संपादक 1stkhabar24)


