राजनांदगांव | 16 अप्रैल 2026
सक्ती जिले के सिंघीतराई पावर प्लांट में हुए दुःखद हादसे के बाद राजनांदगांव जिला प्रशासन औद्योगिक सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त हो गया है। वास्तव में, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की सघन जांच की जा रही है। पिछले दो दिनों के भीतर 30 से अधिक उद्योगों का निरीक्षण किया जा चुका है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
कमल सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन्स में मिली सुरक्षा संबंधी खामियां
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) राजनांदगांव द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान ‘कमल सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड’ में सुरक्षा के मोर्चे पर भारी लापरवाही पाई गई है। इसके अंतर्गत, संयंत्र में विभिन्न प्रकार की तकनीकी और सुरक्षा संबंधी खामियां उजागर हुई हैं। निश्चित रूप से, यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।
“सुरक्षा मापदण्डों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित औद्योगिक इकाई के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।” – कलेक्टर जितेन्द्र यादव
CSIIDC को विस्तृत जांच और कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIIDC) के अधिकारियों को संयंत्र की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके परिणाम स्वरूप, सुरक्षा मापदण्डों और आवश्यक सावधानियों में बरती गई कोताही की गहराई से जांच की जाएगी। वास्तव में, प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि श्रमिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए, सभी उद्योगों को अपने सुरक्षा मानकों को तत्काल दुरुस्त करने की चेतावनी दी गई है।
निरीक्षण दल द्वारा जिले के अन्य उद्योगों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। अंततः, कमल सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन्स के विरुद्ध जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निश्चित रूप से, प्रशासन की इस सक्रियता का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा और सावधानी का वातावरण सुदृढ़ करना है ताकि भविष्य में किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
संपादक: दीपक वैष्णव

