राजनांदगांव | 23 अप्रैल 2026
राजनांदगांव जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर प्रशासन का डंडा चला है। इसी क्रम में, संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें रायपुर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) डोंगरगांव के एक रेडियोग्राफर को निलंबित कर दिया है। वास्तव में, रेडियोग्राफर भोज कुमार साहू पर पदीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही और गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप हैं।
असामाजिक गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत, रेडियोग्राफर साहू पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगे हैं:
- शासकीय कार्यों में बाधा डालना और व्यवधान उत्पन्न करना।
- अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करना।
- उच्च अधिकारियों के साथ अनुचित व्यवहार और वार्तालाप करना।
- असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त रहना।
✅ निलंबन आदेश: छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित।
✅ नया मुख्यालय: निलंबन अवधि में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाटन (जिला दुर्ग) को मुख्यालय निर्धारित किया गया है।
अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भोज कुमार साहू का यह कृत्य अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता की श्रेणी में आता है। अतः, यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन है। निश्चित रूप से, स्वास्थ्य विभाग में इस तरह का व्यवहार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। परिणामस्वरूप, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाकर विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
“शासकीय कर्मचारी का काम जनसेवा है; अनुशासनहीनता या असामाजिक गतिविधियों में शामिल होना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगा।”
अंततः, निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। इसलिए, अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी इससे स्पष्ट चेतावनी मिली है कि वे अपने पदीय दायित्वों का पूरी निष्ठा से पालन करें। निश्चित रूप से, प्रशासन की इस कार्रवाई से व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है।
संपादक: दीपक वैष्णव



