
डोंगरगांव। ग्राम पंचायत आसरा के तत्कालीन सचिव किशन लाल कोलियारे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। वित्तीय अनियमितताओं, अदालती गिरफ्तारी वारंट, जियो टॉवर फर्जी एनओसी प्रकरण तथा धारा 304A के तहत लंबित आपराधिक मामले से घिरे सचिव के खिलाफ अब मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) रायपुर तक शिकायत पहुंच गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायत के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
शिकायतकर्ता दीपक कुमार वैष्णव ने आरोप लगाया है कि सचिव किशन कोलियारे एवं तत्कालीन सरपंच के विरुद्ध ग्राम पंचायत आसरा में विभिन्न विकास कार्यों में कुल ₹18,33,371 की रिकवरी न्यायालय द्वारा निर्धारित की जा चुकी है। इसके बावजूद संबंधित सचिव द्वारा आज तक एक भी रुपये की राशि जमा नहीं की गई है।
मामले में गंभीर मोड़ तब आया जब माननीय एसडीएम न्यायालय डोंगरगांव द्वारा आदेशों की अवहेलना और लगातार अनुपस्थिति के चलते संबंधित पक्षों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। शिकायत के अनुसार बाद की सुनवाई में भी अनुपस्थित रहने पर वारंट प्रभावी बना हुआ है।
जियो मोबाइल टॉवर स्थापना के लिए जारी कथित फर्जी प्रस्ताव और एनओसी को भी एसडीएम न्यायालय द्वारा निरस्त किए जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है। वहीं ई-कोर्ट अभिलेखों के अनुसार थाना डोंगरगांव में दर्ज अपराध के आधार पर सचिव के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 304A के तहत न्यायालय में आपराधिक प्रकरण भी लंबित बताया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इतने गंभीर मामलों और न्यायालयीन कार्यवाहियों के बावजूद संबंधित सचिव को हाल ही में ग्राम पंचायत सांगीनकछार का प्रभार सौंप दिया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत में सचिव की पदस्थापना निरस्त करने, गिरफ्तारी वारंट की त्वरित तामीली, शासकीय राशि की पूर्ण वसूली तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
मामला अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद प्रशासनिक एवं पंचायत महकमे में चर्चा का विषय बन गया है। शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।



