
राजनांदगांव – 12 फरवरी, 2026
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी से मुक्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर जिले में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया।
यह विशेष अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पात्र नागरिकों को दवा खिलाएंगी।
कलेक्टर के सख्त निर्देश: “वितरण ही नहीं, सेवन भी सुनिश्चित करें”
अभियान की शुरुआत करते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अमले को स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल दवा का वितरण करना ही काफी नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि नागरिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के सामने ही दवा का सेवन करें। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ इस अभियान को सफल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
फाइलेरिया: बचाव ही एकमात्र इलाज
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि फाइलेरिया एक दीर्घकालिक बीमारी है जो व्यक्ति को अपंग बना सकती है।
* सुरक्षित दवा: एमडीए के तहत दी जाने वाली दवाएं पूरी तरह सुरक्षित और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अनुशंसित हैं।
* घर-घर संपर्क: स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रत्येक घर जाकर पात्र व्यक्तियों को दवा पिलाएंगे।
* सामान्य लक्षण: दवा सेवन के बाद हल्का बुखार, सिरदर्द या मतली जैसे लक्षण हो सकते हैं। डॉ. नवरतन के अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि दवा शरीर में मौजूद माइक्रोफाइलेरिया को नष्ट कर रही है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है।
जनभागीदारी से बनेगा फाइलेरिया मुक्त जिला
शुभारंभ के अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी दवा का सेवन किया। राजनांदगांव के सभी विकासखंडों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में इस अभियान की शुरुआत की गई है।
➡️अपील: कलेक्टर ने जिले के सभी पात्र नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने और अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा दी जा रही फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन अवश्य करें।




