*राजनंदगांव।* नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष शिव वर्मा ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि इस वर्ष 26 अगस्त और 27 अगस्त 2024 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और रात में 12 बजे कान्हा के जन्म के बाद उनकी पूजा करके व्रत का पारण करते हैं। इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी बहुत ही खास मानी जा रही है क्योंकि जन्माष्टमी पर कई साल बाद दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। इन संयोगों में से एक संयोग ऐसा है जो बहुत ही दुर्लभ है। जन्माष्टमी पर इस बार वही योग बन रहा है, जो द्वापर में बना था। इस साल 26 अगस्त को यानी कृष्ण जन्माष्टमी के दिन चंद्रमा वृषभ राशि में ही विराजमान रहेंगे। माना जाता है कि जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में हुआ था तब ऐसा ही योग बना था। इसके साथ ही कुछ संयोग और बन रहे हैं, जिनके बारे में भी आपको जानना चाहिए। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग एक विशिष्ट प्रकार का योग है जो सप्ताह के किसी विशेष दिन कुछ नक्षत्रों के पड़ने पर बनता है। इन नक्षत्रों का संयोग नए कार्यों या व्यवसाय को करने के लिए शुभ माना जाता है।
श्री वर्मा ने आगे कहा कि वहीं इसके साथ ही कृष्ण जन्माष्टमी के दिन, शश राजयोग और गुरु चंद्र युति के कारण गजकेसरी योग का भी निर्माण हो रहा है। इन दुर्लभ संयोगों का असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। कुछ राशियों के लिए तो ये समय बेहद खास होता है, ज्योतिषाचार्य के मुताबिक ये समय कुछ राशियों के लिए बहुत भाग्यशाली साबित होगी। आइए इस लेख में चार ऐसे राशियों के बारे में जानते हैं कि जिनके लिए जन्माष्टमी का त्योहार भाग्यशाली होने वाला है।




