➡️राजनांदगांव में 10 फरवरी से शुरू होगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान, कलेक्टर ने टास्क फोर्स की बैठक में दिए शत-प्रतिशत लक्ष्य के निर्देश

राजनांदगांव। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला फाइलेरिया टास्क फोर्स की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए 10 से 25 फरवरी तक चलने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
कलेक्टर श्री यादव ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान जिले के शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों को दवा का सेवन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने इसके लिए सभी अंतरविभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय और सक्रिय सहभागिता के साथ कार्य करने को कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है जो अपंगता का कारण बनती है, इसलिए उन्होंने नागरिकों से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समक्ष दवा का सेवन करने और जिले को रोग मुक्त बनाने में सहयोग की अपील की है।
अभियान की कार्ययोजना और शेड्यूल
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि अभियान को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया गया है:
10 से 12 फरवरी तक: आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हाट-बाजारों में बूथ लगाकर दवा खिलाई जाएगी।
13 से 22 फरवरी तक: स्वास्थ्य विभाग का अमला घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने दवा का सेवन कराएगा।
23 से 25 फरवरी तक: मॉप-अप राउंड चलाया जाएगा, जिसमें छूटे हुए लोगों को कवर किया जाएगा।
10 से 25 फरवरी तक सभी स्वास्थ्य संस्थाओं की ओपीडी में भी दवा सेवन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
दवा पूरी तरह सुरक्षित और प्रमाणित
डॉ. नवरतन ने जानकारी दी कि एमडीए अभियान के तहत दी जाने वाली दवाएं सुरक्षित और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अनुशंसित हैं। दवा खाने के बाद कभी-कभी हल्का बुखार, सिरदर्द, मतली या थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ये लक्षण इस बात का प्रमाण हैं कि दवा शरीर में मौजूद माइक्रोफाइलेरिया को नष्ट कर रही है। ये लक्षण सामान्य होते हैं और कुछ ही समय में अपने आप ठीक हो जाते हैं, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।
विशेष मार्गदर्शिका पुस्तक का विमोचन
बैठक के दौरान राजनांदगांव जिले में फाइलेरिया उन्मूलन की प्रगति पर आधारित पुस्तक ‘टुवड्र्स एलिमिनेशन ऑफ लिम्फाटिक फिलरिसिस’ का विमोचन किया गया। इस पुस्तक में नाइट ब्लड सर्वे, माइक्रोफाइलेरिया दर में आई गिरावट और मैदानी स्तर पर की गई रणनीतियों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वन मंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।




