✍️ लक्ष्मण लोहिया
राजनांदगांव नया बस स्टैंड चौक और एसपी ऑफिस के सामने आए दिन गायें सड़क पर बैठी नज़र आती हैं। यह स्थिति आज की नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की हो गई है। इससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
गाय मालिकों की लापरवाही
ये लावारिस नहीं, बल्कि किसी-न-किसी मालिक की गायें हैं। सवाल यह है कि जब मालिक इन्हें संभाल नहीं पा रहे, तो क्यों सड़कों पर छोड़ देते हैं? गायों की मौत और हादसे दोनों ही दुखदाई हैं।
पहले हुई कार्रवाई, फिर वही हाल
कुछ दिन पहले इसी तरह सड़क पर गाय की मौत हुई थी। तब नगर निगम और पुलिस ने धर-पकड़ अभियान शुरू किया था। लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति फिर जस की तस हो गई।
जिम्मेदारी कौन लेगा?
सड़क पर बैठी गायें कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। न तो नगर निगम स्थायी व्यवस्था कर रहा है, न ही गाय मालिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सवाल उठता है कि आखिर सुधार करेगा कौन?
समाधान की राह
यदि मालिक गायों को पाल नहीं सकते, तो उन्हें दान, बिक्री या गौशाला में सौंप देना चाहिए। इससे न इंसान की जान खतरे में पड़ेगी और न ही गायें सड़क पर दम तोड़ेंगी।
बी पॉजिटिव : जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची सेवा है, चाहे इंसान की हो या गाय की।



