धान खरीदी व्यवस्था बदहाल, किसान लौट रहे मायूस – भूपेश तिवारी

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➡️ कहा – धान खरीदी में सरकार की नाकामी उजागर

राजनांदगांव

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर अव्यवस्था चरम पर है। अधिकांश उपार्जन केंद्रों में खरीदी शुरू न होने से किसान भारी परेशानी में हैं। आम आदमी पार्टी के लोकसभा अध्यक्ष भूपेश तिवारी ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जमीन पर खरीदी व्यवस्था पूरी तरह ठप है जबकि सरकार केवल झूठे दावे कर रही है।

श्री तिवारी ने आगे कहा कि प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने का सरकारी दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। प्रदेश सरकार पर लापरवाही और कुप्रबंधन का गंभीर आरोप वास्तविक स्थिति बिल्कुल उलट है। अधिकांश उपार्जन केंद्रों में किसान धान लेकर पहुंच तो रहे हैं, लेकिन खरीदी न होने की वजह से उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों की हड़ताल खत्म होने के बाद भी खाद्य, कृषि और राजस्व विभाग की अव्यवस्था के कारण पूरी व्यवस्था चरमराई हुई है। कई किसानों का धान अब भी घरों के पटाव में पड़ा है जिसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इससे अन्नदाता किसान बेहद चिंतित और परेशान हैं। धान खरीदी प्रबंधक और ऑपरेटरों की हड़ताल के चलते जिले में खरीदी प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी। प्रशासन ने वैकल्पिक तौर पर राजस्व और कृषि विभाग के कर्मियों को ड्यूटी पर लगाया लेकिन इससे भी कोई राहत नहीं मिली। राजनांदगांव जिले में किसानों को टोकन से लेकर धान बिक्री तक हर चरण में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। श्री तिवारी ने आरोप लगाया कि अधिकांश केंद्रों में टोकन कट नहीं पा रहे, कंप्यूटर सिस्टम ठप हैं, ऑनलाइन एंट्री में तकनीकी खराबी बनी हुई है। ऊपर से बारदाना संकट, तौलाई बंद, और परिवहन–मिलिंग व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। प्रदेश की भाजपा सरकार धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह विफल है। न सरकार के पास कोई ठोस रणनीति है और न ही किसानों की समस्याओं को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप। प्रदेश के लाखों अन्नदाता किसान परेशान और चिंतित हैं जबकि सरकार सिर्फ दावे करने में व्यस्त है।

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Author: Deepak Vaishnava

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