नई ट्रेड लाइसेंस नीति पर व्यापारियों की चिंता सरकार से पुनर्विचार की मांग – आलोक बिंदल

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राजनांदगांव

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लागू की गई नई ट्रेड लाइसेंस नीति को लेकर व्यापारी वर्ग में असंतोष व्याप्त है। व्यापारियों का कहना है कि यह नीति मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में उनके लिए अतिरिक्त बोझ बनकर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक बिंदल ने सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

श्री बिंदल ने नई ट्रेड लाइसेंस नीति पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि यह निर्णय व्यावहारिक नहीं है और इससे व्यापारियों की आर्थिक परेशानियां और बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि व्यापारी पहले ही शासन की नीति के अनुसार अपनी दुकानों पर संपत्ति कर नियमित रूप से अदा कर रहे हैं ऐसे में उसी दुकान के लिए स्क्वायर फीट के आधार पर पुनः ट्रेड लाइसेंस शुल्क लेना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। वर्तमान समय में छोटे और बड़े सभी व्यापारी आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं। ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक व्यापार पहले ही प्रभावित हो चुका है। ऐसे हालात में सरकार से अपेक्षा है कि वह व्यापारियों को राहत देने वाली नीतियां बनाए न कि अतिरिक्त शुल्क लगाकर उनकी समस्याएं बढ़ाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारी सरकार के विरोध में नहीं हैं बल्कि वे केवल अपनी व्यावहारिक कठिनाइयों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। व्यापारियों की मेहनत और संघर्ष को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस नीति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। छत्तीसगढ़ शासन से आग्रह किया कि व्यापारियों की पीड़ा को समझते हुए नई ट्रेड लाइसेंस नीति को वापस लिया जाए अथवा इसमें आवश्यक संशोधन कर व्यापारियों को राहत प्रदान की जाए ताकि प्रदेश का व्यापारिक माहौल सकारात्मक बना रहे।

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Author: Deepak Vaishnava

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