
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में मत्स्य पालन के क्षेत्र में विकास की एक नई इबारत लिखी गई है। राज्य ने वार्षिक मत्स्य उत्पादन में 8.73 लाख मीट्रिक टन का आंकड़ा छूकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही छत्तीसगढ़ अब अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन (Inland Fish Production) के मामले में पूरे देश में छठे स्थान पर पहुंच गया है।
मुख्य आकर्षण:
* बंपर उत्पादन: राज्य का वार्षिक मत्स्य उत्पादन 8.73 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा।
* राष्ट्रीय रैंकिंग: देश के टॉप राज्यों में छठे स्थान पर काबिज हुआ छत्तीसगढ़।
* संसाधनों का सटीक उपयोग: जल संसाधनों के प्रभावी और वैज्ञानिक प्रबंधन से मिली सफलता।
* बढ़ी मछुआरों की आय: उत्पादन में वृद्धि का सीधा लाभ स्थानीय मछुआरों और मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मिल रहा है।
मछुआरा कल्याण सरकार की प्राथमिकता
राज्य सरकार के प्रयासों और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अब छत्तीसगढ़ मछली पालन के क्षेत्र में एक हब (Hub) बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री और जनसंपर्क विभाग (DPR) के अनुसार, इस उपलब्धि का मुख्य श्रेय जल संसाधनों का सही उपयोग और मछुआरों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को जाता है। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
➡️ “यह सिर्फ उत्पादन के आंकड़े नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के हजारों मछुआरा परिवारों के जीवन में आई खुशहाली का प्रतीक है।”




