
गोरखपुर। भ्रष्टाचार जब अपनी सारी हदें पार कर देता है, तो कुदरत का इंसाफ कुछ इसी तरह सामने आता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही गोरखपुर के भटहट ब्लॉक की यह ‘कलंक कथा’ रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जहाँ सरकारी सिस्टम के कारिंदों ने रिश्वत के तौर पर एक विधवा की मजबूरी का सौदा किया।
इंसानियत शर्मसार: ‘कागजों’ के बदले माँगी ‘अस्मत‘
एक बेबस विधवा महिला को सिर्फ अपना राशन कार्ड और विधवा पेंशन के कागज बनवाने थे। अपनी फरियाद लेकर वह गांव के प्रधान के पास पहुंची, लेकिन मदद करने के बजाय प्रधान ने उसे अपनी हवस का जरिया बना लिया। हद तो तब हो गई जब प्रधान के साथ-साथ पंचायत सचिव, रोजगार सेवक और 9 अन्य बिचौलियों ने भी काम कराने के बदले महिला का जमकर शारीरिक शोषण किया।
कुदरत का ‘सेंसर’ और खौफनाक सजा
इन लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि रिश्वत में ली गई यह “खुशी” उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित होगी:
* बीमारी ने खोला राज: महिला के पति की मौत 3 साल पहले ही एक रहस्यमय बीमारी (संभवतः एड्स) से हुई थी, जिससे वह स्वयं भी संक्रमित थी。
* सब हुए संक्रमित: जब महिला बीमार पड़ी और उसकी रिपोर्ट में HIV पॉजिटिव आया, तो शोषण करने वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
* 13 की रिपोर्ट पॉजिटिव: आनन-फानन में जब प्रधान, सेक्रेटरी और बिचौलियों सहित 13 लोगों ने अपनी जांच कराई, तो सभी के सभी एड्स पीड़ित निकले。
सिस्टम के भेड़ियों को बड़ा सबक!
आज ये सभी 13 लोग बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर में मौत से लड़ रहे हैं। यह घटना समाज के उन तथाकथित ‘रक्षकों’ के लिए एक चेतावनी है, जो पद और पावर के नशे में चूर होकर गरीबों और लाचारों का शोषण करते हैं। सोशल मीडिया पर इस खबर को ‘पाप का घड़ा भरने’ की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।



