
राजनांदगांव। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि स्वास्थ्य कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
जच्चा-बच्चा की सुरक्षा सर्वोपरि: 3 दिन अस्पताल में रहना अनिवार्य
बैठक के दौरान कलेक्टर ने एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कम से कम तीन दिनों तक अनिवार्य रूप से शासकीय या निजी अस्पताल में डॉक्टर की देखरेख में रखा जाए। अक्सर प्रसव के तुरंत बाद डिस्चार्ज होने से संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य है।
मितानिनों और मैदानी अमले को दी जिम्मेदारी
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि:
* हाई रिस्क मॉनिटरिंग: उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी निरंतर मानिटरिंग की जाए।
* मितानिनों की भूमिका: मितानिनों के माध्यम से गर्भवती माताओं की एनएनसी जांच, उपचार और देखभाल सुनिश्चित की जाए।
* काउंसलिंग और जागरूकता: शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए परिजनों की काउंसलिंग की जाए और उन्हें पौष्टिक आहार व आवश्यक दवाओं की जानकारी दी जाए।
* कम वजन वाले शिशु: जन्म के समय कम वजन वाले नवजात शिशुओं की प्रारंभिक अवस्था से ही विशेष देखरेख की जाए।
स्वास्थ्य अधोसंरचना और डिजिटल सेवाओं पर जोर
कलेक्टर श्री यादव ने जिले के निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, आभा कियोस्क सेंटर के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर ओपीडी सेवाओं को सरल बनाने और आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदन कार्ड जैसे जनहितकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।
जीवनशैली में बदलाव के लिए चलेगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों के प्रति जनमानस में जागरूकता लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ जरूरतमंदों की मदद करने की हिदायत दी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, डीपीएम श्री संदीप ताम्रकार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



