
राजनांदगांव, 15 सितंबर 2025
जिले में बेसहारा, निराश्रित और घुमंतू गौवंशीय पशुओं की देखभाल के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रशासन ने गौधाम (गौशाला) के संचालन हेतु इच्छुक संस्थाओं से 24 सितंबर तक ‘रूचि की अभिव्यक्ति’ आमंत्रित की है। यह कदम पशु कल्याण को बढ़ावा देने और सड़कों पर घूम रहे पशुओं की समस्या को हल करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
किसे मिलेगा गौधाम में स्थान?
इस गौधाम में सिर्फ सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशुओं को ही नहीं, बल्कि गृह विभाग द्वारा ‘छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण नियम’ के तहत जब्त किए गए गौवंशीय पशुओं को भी रखा जाएगा। इससे इन पशुओं को एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिलेगा।
आवेदन प्रक्रिया और स्थान
गौधाम का संचालन करने की इच्छुक संस्थाएं निर्धारित प्रपत्र-7 में अपना आवेदन पत्र कार्यालय उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें, पशुधन विकास विभाग, राजनांदगांव में जमा कर सकती हैं। गौधाम के उद्देश्य, संचालन, वित्तीय सहायता और अन्य विस्तृत जानकारी भी इसी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। यह पहल पशुधन की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी मॉडल साबित हो सकती है।



