
राजनांदगांव,16 सितंबर, 2025
राजनांदगांव पुलिस ने ‘मिशन साइबर सुरक्षा’ के तहत, नागरिकों को सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे ‘Google Gemini Nano Banana’ जैसे एआई ट्रेंड्स और डीपफेक के गंभीर खतरों के प्रति आगाह किया है। पुलिस का कहना है कि ये तकनीकें आपकी निजी जानकारियों का गलत इस्तेमाल कर सकती हैं।
डीपफेक: एक बड़ा खतरा
डीपफेक एक ऐसी तकनीक है जिसके जरिए साइबर अपराधी आपकी असली तस्वीरों और वीडियो को बदलकर फर्जी या आपत्तिजनक सामग्री बना सकते हैं। इसका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग, गलत खबरें फैलाने और अन्य साइबर अपराधों में किया जा रहा है। ये अपराधी एआई टूल्स का उपयोग कर आपकी तस्वीरों को चुराकर आपत्तिजनक वीडियो बना सकते हैं, जिससे आप बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं।
पुलिस की अपील और बचाव के उपाय
पुलिस ने लोगों से साइबर खतरों से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय अपनाने को कहा है:
* निजी तस्वीरें शेयर न करें: अपनी निजी तस्वीरें और वीडियो किसी भी अनजान वेबसाइट या ऐप पर अपलोड करने से बचें।
* प्राइवेसी पॉलिसी ज़रूर पढ़ें: कोई भी नया ऐप या एआई टूल इस्तेमाल करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें।
* संदिग्ध सामग्री की रिपोर्ट करें: अगर आपको कोई डीपफेक वीडियो या तस्वीर मिलती है, तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें।
* सुरक्षा पर ध्यान दें: अपने मोबाइल में हमेशा एंटीवायरस और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को ऑन रखें।
राजनांदगांव पुलिस ने साफ कर दिया है कि टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल फायदेमंद है, लेकिन लापरवाही से बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए, किसी भी नए ट्रेंड या ऐप से दूर रहें जो आपकी निजी जानकारी को खतरे में डाल सकता है।
राजनांदगांव पुलिस – मिशन साइबर सुरक्षा
कोई साइबर अपराधी नहीं बच पाएगा



