राजनांदगांव पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: बंगाल से महाराष्ट्र तक फैले अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का खात्मा, 4 शातिर गिरफ्तार

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राजनांदगांव। ‘खाकी’ के पहरे और आधुनिक तकनीक के संगम ने एक बार फिर शातिर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के नेतृत्व में बसंतपुर पुलिस और सायबर सेल ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के चार सदस्यों को दबोच लिया है। आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया है।

तकनीक से मात: CCTV और सायबर सेल का बिछा जाल

दिसंबर 2025 में शहर के सुने मकानों और सृष्टि कॉलोनी में हुई चोरी की वारदातों ने पुलिस को चुनौती दी थी। पुलिस ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए शहर के चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। फुटेज के आधार पर चोरों का रूट ट्रैक किया गया, जो दुर्ग-भिलाई से होते हुए नागपुर (महाराष्ट्र) की ओर जा रहा था। सायबर सेल की तकनीकी मदद से सटीक लोकेशन मिलते ही पुलिस ने नागपुर में दबिश देकर घेराबंदी की और आरोपियों को सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया।

आरोपियों का प्रोफाइल: खूंखार और आदतन अपराधी

गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से दो पश्चिम बंगाल के हैं, जबकि दो स्थानीय शातिर अपराधी हैं जिनका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है:

* अजय जैन: इसके विरुद्ध राजस्थान, मथुरा, दुर्ग और राजनांदगांव में लूट, आर्म्स एक्ट और चोरी के 10 गंभीर मामले दर्ज हैं।

* राजेश निषाद: इस पर भी चोरी और आर्म्स एक्ट के 10 मामले दर्ज हैं।

* आकाश यादव व रसल शेख: पश्चिम बंगाल के ये आरोपी अंतर्राज्यीय स्तर पर वारदातों को अंजाम देते थे।

बरामदगी: लाखों का माल और वारदात में प्रयुक्त वाहन

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का माल बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 2.50 लाख रुपये है:

* नगदी: 14,500 रुपये।

* आभूषण: सोने के टॉप्स, चांदी की थाली, गिलास, कटोरी, पायल, बिछिया और पूजा के बर्तन।

* वाहन: वारदात में इस्तेमाल पल्सर (MH 31 DX 3334) और सीडी डीलक्स (CG 22 M 5494)।

* इलेक्ट्रॉनिक्स: 03 नग एंड्रॉइड मोबाइल फोन।

सराहनीय भूमिका

इस बड़ी सफलता में नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन (IPS), एएसपी पुष्पेंद्र नायक, बसंतपुर थाना प्रभारी एमन साहू और सायबर सेल प्रभारी विनय कुमार पम्मार की विशेष भूमिका रही। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

“पुलिस का संदेश साफ है: अपराधी चाहे सात समंदर पार या किसी भी राज्य में छिपा हो, राजनांदगांव पुलिस की नजरों और तकनीक से बच नहीं सकता।”

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Author: Deepak Vaishnava

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