➡️”मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जन्मदिन के शुभ अवसर पर 1stkhabar24 के संपादक दीपक वैष्णव ने बधाई प्रेषित की है और राजगामी संपदा का मुद्दा उठाया है।”

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के जन्मदिन पर जहाँ प्रदेश भर में जश्न का माहौल है, वहीं 1stkhabar24 के संपादक दीपक कुमार वैष्णव ने इस अवसर को समाज की एक बड़ी और लंबित मांग से जोड़ दिया है। मुख्यमंत्री जी को बधाई प्रेषित करने के साथ ही उन्होंने राजनांदगांव की ऐतिहासिक राजगामी संपदा न्यास में वैष्णव समाज की उपेक्षा पर गहरा न्यायिक और सामाजिक सवाल खड़ा किया है।
राजगामी संपदा: केवल संपत्ति नहीं, वैष्णव समाज की अस्मिता का प्रश्न
विदित हो कि राजगामी संपदा न्यास की करोड़ों की चल-अचल संपत्ति और मंदिरों की व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से वैष्णव परंपराओं से जुड़ी रही है। वर्तमान में इस न्यास में अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर समाज के प्रतिनिधित्व का न होना न केवल एक प्रशासनिक रिक्तता है, बल्कि यह एक न्यायिक मुद्दा भी बनता जा रहा है।
समाज का तर्क है कि जिस न्यास की नींव में वैष्णव संस्कृति है, उसके प्रबंधन में समाज की भूमिका शून्य क्यों है? न्यास में मनोनयन नहीं होने से कई महत्वपूर्ण विकास कार्य और धार्मिक व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
वैष्णव समाज की मांग और रमन सिंह जी का आश्वासन
इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए, विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ. रमन सिंह जी और पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह जी ने पूर्व में समाज के प्रतिनिधियों को यह स्पष्ट आश्वासन दिया था कि शासन इस विषय पर गंभीर है। समाज के वरिष्ठों का कहना है कि अब समय आ गया है जब इस ‘आश्वासन’ को ‘आदेश’ में बदला जाए।
संपादक दीपक वैष्णव ने शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि, “हम मुख्यमंत्री जी के यशस्वी कार्यकाल की कामना करते हैं, साथ ही यह उम्मीद भी रखते हैं कि वे वैष्णव समाज को उनका संवैधानिक और सामाजिक हक प्रदान कर राजगामी संपदा न्यास को एक नया नेतृत्व देंगे।”



