डोंगरगढ़/राजनांदगांव | 12 अप्रैल 2026
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित खालसा पब्लिक स्कूल में छात्र के साथ मारपीट करने वाली शिक्षिका को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वास्तव में, पुस्तक निकालने में हुई मामूली देरी पर शिक्षिका ने छात्र के साथ ऐसी बर्बरता की कि उसकी सुनने की शक्ति स्थायी रूप से प्रभावित हो गई। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशानुसार पुलिस ने कड़ी कार्यवाही करते हुए इंचार्ज शिक्षिका को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
घटना का विवरण
प्रार्थी सुधाकर सहारे पिता स्व. प्रेमदास सहारे (निवासी मिसीया बाड़ा, डोंगरगढ़) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका पुत्र सार्थक सहारे, जो कक्षा 7वीं का छात्र है, स्कूल गया था। इसके अंतर्गत, क्लास टीचर नम्रता साहू ने छात्रों को एस.एस.टी. की पुस्तक निकालने कहा। पुस्तक निकालने में देरी होने पर शिक्षिका नाराज हो गई और इंचार्ज शिक्षिका प्रियंका सिंह से शिकायत की। इसके बाद, दोनों शिक्षिकाओं ने कक्षा में आकर छात्र के दोनों कानों पर हाथ से मारपीट की, जिससे उसे गंभीर क्षति पहुंची।
गिरफ्तार आरोपी: प्रियंका सिंह पति आतिश सिंह, उम्र 45 वर्ष, निवासी केदारबाड़ी वार्ड क्रमांक 03, डोंगरगढ़।
दर्ज धाराएं: 117(2), 117(3), 3(5) बीएनएस (BNS)
नोट: क्लास टीचर नम्रता साहू फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
सुनने की शक्ति हुई स्थायी रूप से खत्म
मारपीट के कारण छात्र के कानों को इतनी गंभीर चोट आई कि उसकी सुनने की शक्ति हमेशा के लिए चली गई है। निश्चित रूप से, इस घटना ने स्कूली सुरक्षा और शिक्षकों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके परिणाम स्वरूप, पुलिस ने विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर धारा 117(3) बीएनएस भी जोड़ी है।
“पुलिस प्रशासन ऐसी हिंसक घटनाओं के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।”
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरी नंदन नायक के मार्गदर्शन में टीम ने साक्ष्य संकलन किया। अंततः, आरोपी प्रियंका सिंह को 11 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। वास्तव में, इस कार्यवाही से स्कूल प्रबंधन और अन्य शिक्षकों के बीच हड़कंप मच गया है। इसलिए, पुलिस अब फरार शिक्षिका नम्रता साहू की पतासाजी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
संपादक: दीपक वैष्णव


