राजनांदगांव | 21 अप्रैल 2026
राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के कार्यों में कोताही बरतने वाले ठेकेदारों पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। इसी क्रम में, डोंगरगांव विकासखंड की एक प्रमुख सड़क के निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की गई है। वास्तव में, ठेकेदार द्वारा नियमित संधारण कार्य न करने के कारण उसका अनुबंध ही निरस्त कर दिया गया है।
अति जर्जर हो चुकी थी अर्जुनी-मेढ़ा सड़क
कार्यपालन अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने जानकारी दी कि वर्ष 2018-19 में स्वीकृत अर्जुनी से मेढ़ा सड़क (लंबाई 2.50 किमी) की स्थिति काफी दयनीय हो गई थी। इसके अंतर्गत, पैकेज क्रमांक ग्रुप-एच के तहत काम करने वाले अनुबंधित ठेकेदार ने समय पर संधारण (मेंटेनेंस) कार्य नहीं किया। परिणामस्वरूप, यह सड़क अति जर्जर अवस्था में पहुंच गई, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
✅ अनुबंध निरस्त: लापरवाही के कारण ठेकेदार का अनुबंध खत्म कर दिया गया है।
✅ राशि राजसात: ठेकेदार की सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) जब्त कर ली गई है।
✅ अगला कदम: ‘डिफेक्ट लायबिलिटी’ के तहत अब सड़क का नवीनीकरण पुनर्निविदा (Retender) के माध्यम से होगा।
अब नए सिरे से होगा सड़क का नवीनीकरण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ठेकेदार की राजसात की गई राशि का उपयोग सड़क को फिर से दुरुस्त करने में किया जाएगा। अतः, अब इस 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए पुनर्निविदा आमंत्रित की जाएगी। निश्चित रूप से, ‘डिफेक्ट लायबिलिटी’ नियमों के तहत नई प्रक्रिया अपनाई जाएगी ताकि सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। वास्तव में, ग्रामीणों को जल्द ही नई और सुरक्षित सड़क की सौगात मिलेगी।
“प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा; लापरवाही करने वाले किसी भी ठेकेदार को बख्शा नहीं जाएगा।”
अंततः, जिला प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई से ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। इसलिए, यह उम्मीद की जा रही है कि अन्य निर्माणाधीन सड़कों के संधारण कार्य में अब तेजी आएगी। निश्चित रूप से, सुशासन की दिशा में यह एक और बड़ा कदम है।
संपादक: दीपक वैष्णव


