राजनांदगांव | 6 अप्रैल 2026
प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित न्याय जब पहचान बन जाए, तो आम नागरिक का भरोसा लोकतंत्र पर और गहरा हो जाता है। राजनांदगांव के कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने एक बार फिर इसे चरितार्थ कर दिखाया है। वास्तव में, जनदर्शन में अपनी मजदूरी की गुहार लेकर पहुँचे श्रमिकों को कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद मात्र कुछ ही समय में उनके पसीने की कमाई मिल गई।
पेंडिंग मजदूरी का ‘ऑन द स्पॉट’ निराकरण
ग्राम सोमनी (विकासखंड राजनांदगांव) के निवासी श्री बुधराम पटेल और उनके साथी श्रमिकों का मजदूरी भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था। अपनी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने साप्ताहिक जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत किया। इसके अंतर्गत, कलेक्टर श्री यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फाइलों में दबाने के बजाय तुरंत संज्ञान लिया।
“जनदर्शन केवल आवेदन जमा करने का माध्यम नहीं, बल्कि त्वरित और पारदर्शी निराकरण का मंच है।” – कलेक्टर जितेन्द्र यादव
श्रमिकों के खातों में पहुंची पसीने की कमाई
कलेक्टर के कड़े रुख और स्पष्ट निर्देशों का असर यह हुआ कि जनपद पंचायत राजनांदगांव तुरंत सक्रिय हुई। इसके परिणाम स्वरूप, श्रमिकों के बैंक खातों में 25,056 रूपए की राशि सीधे हस्तांतरित कर दी गई। भुगतान के विवरण के अनुसार, श्री बुधराम पटेल के खाते में 9,657 रूपए जमा हुए। साथ ही, श्री टकेश्वरी बंजारे के खाते में 9,657 रूपए और योगेश्वरी पटेल के खाते में 5,742 रूपए जमा किए गए हैं।
निश्चित रूप से, न्याय में देरी करना न्याय से वंचित करने के समान है। कलेक्टर ने केवल भुगतान ही नहीं कराया, बल्कि जिले के सभी अधिकारियों को एक कड़ा संदेश भी दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर नागरिक को समयबद्ध तरीके से न्याय मिलना ही सुशासन की असली कसौटी है। इसलिए, जनदर्शन अब आम जनता के लिए उम्मीद की एक नई किरण बन गया है। अंततः, त्वरित भुगतान होने से श्रमिकों के चेहरे पर खुशी लौट आई है।



