राजनांदगांव | 20 अप्रैल 2026
राजनांदगांव कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज पटवारी प्रशिक्षण केंद्र में राजनांदगांव विकासखंड के सरपंचों के साथ बैठक कर शासन की जनहितकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की। वास्तव में, कलेक्टर ने सरपंचों को विकास की मुख्य कड़ी बताते हुए कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरपंचों का सक्रिय होना अनिवार्य है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं और आत्मनिर्भरता पर चर्चा करना था।
पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम
कलेक्टर ने पंचायतों को स्वावलंबी बनाने पर विशेष जोर दिया। इसके अंतर्गत, उन्होंने टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के साथ ही आय सृजन के नए रास्ते खोजने को कहा। निश्चित रूप से, सामुदायिक भवन और व्यावसायिक परिसरों का निर्माण एक बेहतर विकल्प है, जिससे पंचायतों को किराए के रूप में नियमित आय प्राप्त हो सके। साथ ही, उन्होंने स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, नाली निर्माण और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।
सरपंचों की बैठक लेते कलेक्टर जितेन्द्र यादव
सौर ऊर्जा पर जोर: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से गांवों को ‘सोलर विलेज’ बनाने का लक्ष्य।
कृषि बदलाव: गर्मी के मौसम में कम पानी वाली दलहन-तिलहन फसलों को प्राथमिकता दें।
अन्य निर्देश: कुपोषण मुक्त पंचायत, लखपति दीदी योजना, अविवादित नामांतरण और आवास योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन।
पीएम आशा योजना से किसानों की बढ़ेगी आमदनी
कलेक्टर ने कहा कि वे धान की जगह कम पानी वाली फसलें लें। इसके अंतर्गत, पीएम आशा योजना के माध्यम से समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन की खरीदी की जा रही है। वास्तव में, कलेक्टर ने सरपंचों से उनकी पंचायत की स्थानीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की और आपसी समन्वय से काम करने को कहा ताकि हर हितग्राही को समय पर लाभ मिल सके। अंततः, इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह सहित जिले के सभी सरपंच उपस्थित रहे।
“सरपंच अपनी पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाएं; सोलर विलेज और उन्नत कृषि के माध्यम से ग्रामीण विकास में नया आयाम स्थापित करें।”
शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निश्चित रूप से, प्रशासन अब गांवों की वास्तविक स्थिति की सीधी मॉनिटरिंग करेगा। इसलिए, सरपंचों को विकास कार्यों में गति लाने और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया है।
संपादक: दीपक वैष्णव

