राजनांदगांव | 6 अप्रैल 2026
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत राजनांदगांव जिले में एक सराहनीय पहल की जा रही है। वास्तव में, गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व बेहतर देखभाल देने के लिए हर महीने विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित हो रहे हैं। ये शिविर प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को लगाए जाते हैं। इसके अंतर्गत, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क जांच और उपचार की सुविधा मिल रही है।
हाईरिस्क गर्भवती माताओं की विशेष पहचान और जांच
अभियान के दौरान गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों से ग्रसित महिलाओं की पहचान की जाती है। इसके अलावा, कम उम्र में गर्भधारण करने वाली या कम वजन वाली महिलाओं की भी जांच होती है। निश्चित रूप से, इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। इसलिए, प्रशासन इन महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रख रहा है।
“9 और 24 तारीख के विशेष शिविर गर्भवती माताओं के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहे हैं।”
सोनोग्राफी और टेली-परामर्श की सुविधा
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर इन महिलाओं की सूची बनाई गई है। इसके परिणाम स्वरूप, प्रत्येक सप्ताह उन्हें फोन के माध्यम से आवश्यक सलाह दी जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि वर्तमान में 1629 उच्च जोखिम वाली महिलाएं चिन्हित हैं। वास्तव में, इनमें से 1493 महिलाओं की प्रथम सोनोग्राफी पूरी हो चुकी है।
स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती माताओं की जांच चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी
कुल 1144 महिलाओं की दूसरी बार सोनोग्राफी भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। इसके साथ ही, प्रसव के 15 दिन पूर्व मितानिनों द्वारा घर-घर जाकर भ्रमण किया जा रहा है। अंततः, जिला प्रशासन की इस सक्रियता से सुरक्षित प्रसव की दर में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। इसलिए, यह अभियान जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गया है।
मुख्य संपादक: दीपक वैष्णव


