राजनांदगांव | 21 अप्रैल 2026
राजनांदगांव जिले में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव बेहद सख्त हैं। इसी क्रम में, आज कलेक्टर ने बड़ी कार्यवाही करते हुए एक राजस्व निरीक्षक (RI) को निलंबित कर दिया है। वास्तव में, सरकारी कार्यों में लगातार लापरवाही बरतना इस अधिकारी को भारी पड़ा है।
सीमांकन प्रकरणों में दिखाई थी भारी लापरवाही
मिली जानकारी के अनुसार, राजस्व निरीक्षक मंडल खैरझिटी के श्री अवधराम ठाकुर के खिलाफ यह कार्यवाही की गई है। सर्वप्रथम, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने उनके कार्यों की जांच की थी। इस जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि उन्होंने अपने क्षेत्र के सीमांकन प्रकरणों को लंबे समय तक बिना प्रगति के लंबित रखा था। अतः, जनता को अपने ही कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे थे।
कार्रवाई का कारण: कर्तव्य में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना।
निलंबन का आदेश: श्री अवधराम ठाकुर (राजस्व निरीक्षक, खैरझिटी मंडल) तत्काल प्रभाव से निलंबित।
नया मुख्यालय: निलंबन अवधि में कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा, राजनांदगांव।
नोटिस का संतोषजनक जवाब न देने पर लिया निर्णय
जनसामान्य की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने आरोपी निरीक्षक को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था। हालांकि, श्री ठाकुर द्वारा इसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप, कलेक्टर ने उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही, अब उन्हें निलंबन अवधि के दौरान अपना मुख्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा, राजनांदगांव में नियुक्त किया गया है।
“शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी; जनहित के कार्यों में देरी करने वालों पर सख्त एक्शन जारी रहेगा।”
अंततः, जिला प्रशासन की इस कार्यवाही से अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। इसलिए, यह साफ है कि आने वाले समय में कार्य संस्कृति को और अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। निश्चित रूप से, ऐसी कार्यवाही से आम नागरिकों का प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा।
संपादक: दीपक वैष्णव


