फोटो: 1st Khabar 24 (ग्राम सलौनी में सामाजिक बहिष्कार समाप्त कराने हेतु बैठक लेते प्रशासनिक अधिकारी)
कृषि, त्योहार और वैवाहिक कार्यक्रमों में आ रही थी परेशानी
आवेदकों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए पत्र में बताया गया था कि उन्हें सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर गांव से पूरी तरह अलग कर दिया गया है। इस रूढ़िवादी पाबंदी के कारण उन्हें गांव में खेती-किसानी करने, तीज-त्योहारों को मनाने, वैवाहिक आयोजनों सहित अन्य सभी पारिवारिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भारी दिक्कतों और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था।
कलेक्टर के निर्देश पर गांव पहुंचे आला अधिकारी, समाज को दी समझाइश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने तत्काल इस सामाजिक कुप्रथा को खत्म कराने और उभयपक्षों में सुलह कराने हेतु अधिकारियों को फील्ड पर जाने के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर प्रशासनिक टीम ग्राम सलौनी पहुंची, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- तहसीलदार श्री अमिय श्रीवास्तव
- थाना प्रभारी (TI) सुमन जायसवाल
- अतिरिक्त तहसीलदार श्री सोनित मेरिया
अधिकारियों की मौजूदगी में ग्राम सलौनी में सामाजिक एवं ग्राम समिति की एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में दोनों पक्षों को कानून व्यवस्था और सामाजिक भाईचारे की विस्तारपूर्वक समझाइश दी गई। लंबी चर्चा के बाद अंततः दोनों पक्षों ने पुरानी बातों को भुलाकर सामाजिक बहिष्कार को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने तथा भविष्य में मिल-जुल कर रहने के संबंध में अपनी लिखित सहमति दे दी। इसके साथ ही पूरी ग्राम समिति व ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से संकल्प लिया कि भविष्य में गांव के भीतर कभी भी किसी भी ग्रामीण का सामाजिक बहिष्कार नहीं किया जाएगा।
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