
राजनांदगांव। “अपना एक पक्का घर होगा, यह कभी सिर्फ एक कल्पना थी, लेकिन आज यह हकीकत है।” यह भावुक शब्द राजनांदगांव नगर निगम के मोतीपुर (वार्ड-3) निवासी श्रीमती मधु वर्मा के हैं, जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) 2.0 की मदद से पूरी तरह बदल गया है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
मधु वर्मा का जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। पति के निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। अपनी दो बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए वे एक निजी स्कूल में रसोइये (Cook) के रूप में कार्य कर रही हैं। आय सीमित थी और किराए के मकान में रहने का बोझ मानसिक और आर्थिक रूप से भारी पड़ता था।
श्रीमती मधु बताती हैं कि:
> “स्कूल की छुट्टियों के दौरान आय कम हो जाती थी, जिससे मकान मालिक को समय पर किराया देने की चिंता हमेशा सताती थी। डर लगा रहता था कि कहीं हमें घर खाली न करना पड़ जाए।”
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बेटी का साथ और योजना का सहारा
परिस्थितियां तब बदलीं जब उनकी बड़ी बेटी सुजाता ने एक निजी कंपनी में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करना शुरू किया। माँ-बेटी ने अपनी मेहनत की कमाई से एक छोटा भूखंड (प्लॉट) खरीदा। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत आवेदन किया।
छत्तीसगढ़ का पहला पूर्ण आवास
प्रशासनिक सक्रियता के चलते मधु वर्मा को न केवल योजना की स्वीकृति मिली, बल्कि वे PMAY 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ में अपना घर पूर्ण करने वाली पहली हितग्राही भी बनीं। वास्तुविद के मार्गदर्शन में बना यह घर अब टाइल्स और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है।
* योजना का लाभ: आवास निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि को अब बढ़ाकर ₹2.50 लाख कर दिया गया है।
* क्षेत्रफल में वृद्धि: आवास निर्माण का दायरा भी 30 वर्गमीटर से बढ़ाकर 45 वर्गमीटर किया गया है, जिससे परिवारों को अधिक जगह मिल रही है।
शासन के प्रति जताया आभार
आज अपने पक्के घर में गौरव और संतोष के साथ रह रहीं श्रीमती मधु वर्मा ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने उनके जैसे हजारों परिवारों के जीवन में ‘नव-सवेरे’ की किरण जगाई है।




