
राजनांदगांव। जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में आगामी खरीफ वर्ष 2026 के लिए खाद की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु 1 फरवरी से अग्रिम उठाव की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सीजन के दौरान खाद की संभावित किल्लत से बचना और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।
किसानों को आर्थिक लाभ: नहीं लगेगा कोई ब्याज
शासन के निर्देशानुसार, जो किसान 1 फरवरी से 31 मई 2026 के बीच सहकारी समितियों से खाद का अग्रिम उठाव करेंगे, उन्हें इस पर किसी भी प्रकार का ब्याज नहीं देना होगा। इससे किसानों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय भार के समय पर खाद उपलब्ध हो सकेगी। कृषि विभाग विशेष रूप से लघु, सीमांत और महिला कृषकों को इसके लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
जिले के लिए 33,500 मीट्रिक टन का लक्ष्य
उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए जिले में कुल 33,500 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसका विवरण निम्नानुसार है:
- यूरिया: 14,000 मीट्रिक टन
- डीएपी (DAP): 9,000 मीट्रिक टन
- एनपीके (NPK): 6,000 मीट्रिक टन
- एसएसपी (SSP): 2,800 मीट्रिक टन
- एमओपी (MOP): 1,700 मीट्रिक टन
इन समितियों में भंडारण का कार्य पूरा
जिला विपणन अधिकारी और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के समन्वय से भंडारण तेज कर दिया गया है। वर्तमान में निम्नलिखित समितियों में खाद पहुंच चुकी है:
- राजनांदगांव ब्लॉक: भानपुरी, पदुमतरा एवं पटेवा समिति।
- डोंगरगढ़ ब्लॉक: लालबहादुर नगर, बागरेकसा, पनियाजोब एवं ठाकुरटोला समिति।
- छुरिया ब्लॉक: गहिराभेड़ी, सड़क चिरचारी, साल्हेटोला एवं बम्हनी चारभांठा समिति।
अन्य समितियों के लिए भी खाद का ‘आर.ओ.’ जारी किया जा रहा है ताकि पूरे जिले में आपूर्ति बनी रहे।
प्रशासन की अपील: उप संचालक कृषि ने सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे खरीफ की फसल की तैयारी के लिए अपनी निकटतम सेवा सहकारी समिति से संपर्क करें और समय रहते खाद का उठाव सुनिश्चित करें।




