
डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़): क्वांर नवरात्रि के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष, डॉ. रमन सिंह ने डोंगरगढ़ में ‘माँ बम्लेश्वरी पर्यावरण परिक्रमा पथ’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे एक ‘अद्भुत परिक्रमा पथ’ बताया, जो श्रद्धा, सेहत और संस्कार का संगम है।
परिक्रमा पथ की खासियतें
* लंबाई: यह परिक्रमा पथ साढ़े तीन किलोमीटर लंबा है।
* वृक्षारोपण: इसमें 10 हजार से अधिक फलदार, छायादार और विभिन्न प्रजातियों के पेड़ लगाए गए हैं।
* आस्था का केंद्र: परिक्रमा पथ पर छत्तीसगढ़ में स्थापित प्रमुख देवी-देवताओं की मूर्तियों को प्रतीक के रूप में स्थापित किया गया है, जिससे यह श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
* स्वास्थ्य और मनोरंजन: यह पथ न केवल श्रद्धालुओं को परिक्रमा का अवसर देगा, बल्कि सुबह टहलने वालों के लिए भी एक अच्छा स्थान होगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए यहां सिंह, हिरण और अन्य वन्यजीवों के चित्र भी बनाए गए हैं।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस परिक्रमा पथ की कल्पना 2015 में की गई थी, और यह 2025 में पूरी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि डोंगरगढ़ सिर्फ माँ बम्लेश्वरी की नगरी नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव का स्थान भी है, जहां सभी समुदायों के इष्टदेव विराजमान हैं।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी इस अवसर पर कहा कि यह परिक्रमा पथ स्वास्थ्य और आस्था का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यह बच्चों, बुजुर्गों सहित सभी वर्गों के लोगों के लिए स्वास्थ्य लाभ का एक बेहतरीन जरिया होगा।
इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, वन मंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे और पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



