राजनांदगांव | 26 मार्च 2026
शासन द्वारा संचालित ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के तहत राजनांदगांव जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने बताया कि वर्ष 2025-26 में अब तक 4 बाल विवाहों को सफलता पूर्वक रोका गया है। अब रामनवमी के अवसर पर बाल विवाह की आशंका को देखते हुए सभी स्टेक होल्डर्स को अलर्ट कर दिया गया है।
📢 यहाँ करें तुरंत शिकायत!
यदि आपके आस-पास कहीं भी बाल विवाह हो रहा हो, तो तुरंत इन नंबरों पर सूचना दें:
⚖️ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006:
शादी करने और कराने वालों के अलावा इन पर भी होगी FIR:
- बैण्ड पार्टी, टेन्ट वाले और पंडित/अनुष्ठानकर्ता।
- वैवाहिक कार्यक्रमों में नाचने-गाने और बजाने वाले।
- शादी में शामिल होने वाले मेहमान और रिश्तेदार।
- सजा: 2 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1 लाख रुपये जुर्माना।
प्रशासन ने अपील की है कि 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका और 21 वर्ष से कम के बालक की शादी न करें। इससे कुपोषण, शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर का खतरा बढ़ता है। बाल विवाह रोकना सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
🤝 इन सबकी रहेगी विशेष निगरानी:
समाज के पदाधिकारी, वार्ड पार्षद, सरपंच, वार्ड पंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, पटेल, कोटवार और स्वसहायता समूहों को आगे आकर बाल विवाह रोकने की अपील की गई है। ग्राम पंचायत सचिवों को ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी’ घोषित किया गया है।
Author: Deepak Vaishnava
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