

सड़क पर अधिकार के लिए संघर्ष करते ग्रामीण
🔴 जर्जर सड़क और प्रशासन की वादाखिलाफी
ग्रामीणों ने प्रशासन को आईना दिखाते हुए बताया कि कोकपुर से आसरा, अड़ाम, संगीनकछार और तेंदूनाला मार्ग सालों से बदहाल है सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा बार-बार टेंडर न होने का बहाना बनाया जाता रहा, जबकि बजट में इन सड़कों के लिए पहले ही प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है।
बजट में इन निर्माण कार्यों को मिल चुकी है मंजूरी:
✅ जून में शुरू होगा काम, आश्वासन के बाद खुला जाम
मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार झरना राजपूत, एसडीओपी मंजुलता बाज और थाना प्रभारी आशीर्वाद रहटगांवकर मौके पर पहुँचे अंततः पीडब्ल्यूडी के एसडीओ विजय कुमार ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि जून 2026 में सड़क निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से शुरू हो जाएगा इस भरोसे के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त किया, लेकिन स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि काम शुरू नहीं हुआ तो आगामी दिनों में नेशनल हाईवे जाम किया जाएगा।
📢 इन गांवों का रहा पूर्ण समर्थन
इस चक्काजाम आंदोलन में क्षेत्र की एकता देखने को मिली। **आसरा, अड़ाम, सांगिनकछार, शिकारीटोला, तेन्दूनाला, दर्राबांधा, नवागांव, तिलईवार और बम्हनीभांठा** के सरपंचों सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बुजुर्ग अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे रहे।
“क्षेत्र के सरपंचों और ग्रामीणों का संकल्प: जब तक सड़क नहीं, तब तक चैन नहीं”
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Author: Deepak Vaishnava
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