
राजनांदगांव | 27 मार्च 2026
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत राजनांदगांव जिले में गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल के लिए विशेष पहल की जा रही है। कलेक्टर के निर्देशानुसार, प्रत्येक माह की 9 और 24 तारीख को विशेष शिविर आयोजित कर उच्च जोखिम वाली (High Risk) गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, उपचार और परामर्श दिया जा रहा है।
👩⚕️ कौन हैं उच्च जोखिम वाली श्रेणी में?
- पूर्व में मृत शिशु का जन्म या सिजेरियन प्रसव।
- कम उम्र में गर्भधारण, वजन या ऊंचाई का कम होना।
- गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या अन्य बीमारियां।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि वर्तमान में जिले में 1597 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं चिन्हित हैं। इनमें से 1492 का प्रथम सोनोग्राफी और 1100 महिलाओं का दूसरी बार नि:शुल्क सोनोग्राफी परीक्षण सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
🏠 घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य सुविधाएं:
कलेक्टर के आदेश पर हाई रिस्क महिलाओं की सूची बनाकर हर सप्ताह फोन के माध्यम से स्वास्थ्य सलाह दी जा रही है। प्रसव के 15 दिन पूर्व मितानिनें प्रतिदिन इन महिलाओं के घर जाकर उनकी स्थिति का जायजा ले रही हैं, ताकि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान मातृ मृत्यु दर को कम करने और जच्चा-बच्चा दोनों की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की हर गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हों।
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Author: Deepak Vaishnava
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