
राजनांदगांव – 16 सितंबर, 2025
जिले के ग्राम धौराभाठा के बुंदेलीखुर्द और डोम्हाटोला के बुंदेलीकला के किसानों में भारी आक्रोश है। उन्होंने सहकारी समिति पदुमतरा के प्रबंधक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके कारण वे अपनी चना फसल के बीमा लाभ से वंचित रह गए हैं, जबकि उन्होंने नियमानुसार बीमा करवाया था।
एक गलती ने डुबोई किसानों की उम्मीदें
किसानों ने बताया कि 2024-25 में उन्होंने समिति से चना बीज खरीदा और फसल का बीमा भी कराया। लेकिन बीमा प्रविष्टि करते समय प्रबंधक ने चना की जगह गलती से गेहूं दर्ज कर दिया। इस बड़ी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि जिन किसानों का बीमा सही था, उन्हें प्रति एकड़ लगभग ₹10,000 की बीमा राशि मिल गई, जबकि प्रभावित किसान एक भी पैसा पाने से रह गए।
इन्हें है न्याय का इंतज़ार
इस लापरवाही का शिकार हुए किसानों में ये नाम शामिल हैं: रामखिलावन वर्मा (पिता भरोसाराम, बुंदेलीकला, रकबा 5.03 एकड़), डाकवर ठाकुर (पिता रामचरण, बुंदेलीकला, रकबा 1.00 एकड़), लेखराम वर्मा (पिता पल्टन वर्मा, बुंदेलीखुर्द, रकबा 14.20 एकड़), खिलेश वर्मा (पिता जमुनालाल वर्मा, बुंदेलीखुर्द, रकबा 15.25 एकड़), नरेश वर्मा (पिता भारतलाल वर्मा, बुंदेलीखुर्द, रकबा 4.25 एकड़), भारत वर्मा (पिता राजाराम वर्मा, बुंदेलीखुर्द, रकबा 4.00 एकड़), साहूकार वर्मा (पिता केजनाथ वर्मा, बुंदेलीखुर्द, रकबा 18.10 एकड़), और चन्द्रहास वर्मा (पिता साहूकार वर्मा, बुंदेलीखुर्द, रकबा 3.22 एकड़)।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
प्रभावित किसानों ने उपायुक्त सहकारिता राजनांदगांव को ज्ञापन सौंपकर प्रबंधक पर कड़ी कार्रवाई और उन्हें जल्द से जल्द बीमा राशि प्रदान करने की मांग की है। किसानों ने सबूत के तौर पर यह भी बताया कि उनके खसरा नंबरों की अनावारी रिपोर्ट में भी चना फसल ही दर्ज है, जो उनके दावे को पूरी तरह सही साबित करती है।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीला टाकेश सिन्हा, मंडल अध्यक्ष परदेशी सोनबोइर, और भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष टाकेश सिन्हा भी मौजूद थे, जिन्होंने किसानों के साथ मिलकर इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की।



