राजनांदगांव। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को निर्धारित दर पर सुगमता से खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन मुस्तैद हो गया है. कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के कड़े निर्देशानुसार, जिले में उर्वरकों की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए कृषि विभाग लगातार औचक निरीक्षण कर रहा है. इसी कड़ी में विभाग की टीम ने राजनांदगांव विकासखंड के अंतर्गत घुमका और अर्जुनी में बड़ी कार्रवाई करते हुए गंभीर अनियमितताएं पकड़ी हैं.
फोटो: 1st Khabar 24 (राजनांदगांव कृषि विभाग की टीम दुकानों का औचक निरीक्षण और सीलिंग की कार्रवाई करते हुए)
घुमका: देवांगन कृषि केंद्र में बिना दस्तावेजों के मिला भारी स्टॉक, दुकान सील
कृषि विभाग की टीम द्वारा घुमका स्थित ‘देवांगन कृषि केंद्र’ का औचक निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान विक्रेता के पास बिना किसी वैध दस्तावेज और अभिलेख के भारी मात्रा में उर्वरक का भंडारण पाया गया. टीम ने मौके पर 39 बैग डीएपी (DAP), 24 बैग 20:20:0:13 तथा 8 बैग 28:28:0 उर्वरक जब्त किया है, जो प्रथम दृष्टया पूरी तरह अवैध प्रतीत हुआ.
जांच में यह भी सामने आया कि डीएपी उर्वरक को उसके निर्धारित भंडारण स्थल के बजाय अन्य गुप्त स्थान पर छिपाकर रखा गया था. यह कृत्य उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के कड़े प्रावधानों का खुला उल्लंघन है.
निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग की टीम ने वहां उपस्थित किसानों के बाकायदा बयान दर्ज किए. किसानों ने खुलासा किया कि संबंधित विक्रेता द्वारा डीएपी उर्वरक को 2,400 रूपए प्रति बैग तथा यूरिया को 700 रूपए प्रति बैग की अत्यधिक ऊंची दर पर बेचा जा रहा था. निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के उल्लंघन पर टीम ने देवांगन कृषि केंद्र के विक्रय परिसर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया. इस कार्रवाई में उर्वरक निरीक्षक श्री अविनाश दुबे एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री मिथलेश साहू मुख्य रूप से शामिल रहे.
अर्जुनी: श्री राम कृषि केंद्र पर लगा 7 दिनों का विक्रय प्रतिबंध, नोटिस जारी
इसी तरह, लगातार मिल रही जनशिकायतों के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने अर्जुनी स्थित ‘श्री राम कृषि केंद्र’ का भी औचक निरीक्षण किया. यहाँ जांच के दौरान गंभीर लापरवाहियां और अनियमितताएं उजागर हुईं. विक्रेता द्वारा किसानों को खाद खरीदी का पक्का बिल नहीं दिया जा रहा था, स्टॉक पंजी का संधारण भी सही तरीके से नहीं किया गया था और बिना किसान पर्चा देखे ही सीधे खाद का अवैध विक्रय किया जा रहा था.
इन सभी अनियमितताओं के कारण कृषि विभाग ने त्वरित एक्शन लेते हुए 7 दिवसों के लिए जब्ती-सुपुर्दगी की कार्रवाई की है. साथ ही दुकान पर आगामी 7 दिनों के लिए पूर्ण विक्रय प्रतिबंध लगा दिया गया है और विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
कालाबाजारी करने वालों को प्रशासन की चेतावनी: कृषि विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि जिले में किसानों के हितों का हर हाल में संरक्षण किया जाएगा. उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और अवैध जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए आने वाले दिनों में भी इस प्रकार की औचक निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी.
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