राजनांदगांव। जिले में पोषक अनाजों (मिलेट्स) को बढ़ावा देने और महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है. राजनांदगांव जिले में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से मिलेट कैफे का संचालन किया जाना है. इसके सुचारू रूप से संचालन के लिए कृषि विभाग द्वारा अनुभवी निजी संस्थाओं और कंपनियों से अभिरूचि की अभिव्यक्ति (Expression of Interest) आमंत्रित की गई है.
आवेदन के लिए यह अनुभव होना है बेहद जरूरी
कृषि विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, मिलेट कैफे संचालन की कमान संभालने वाली इच्छुक संस्था या कंपनी के पास विशेष कार्य अनुभव होना अनिवार्य है. आवेदन करने वाली संस्था को मिलेट आधारित खाद्य उत्पादन प्रशिक्षण, कैफे संचालन, बेहतरीन विपणन (मार्केटिंग) एवं सुदृढ़ वित्तीय सहयोग प्रदान करने का पूर्व अनुभव होना आवश्यक माना गया है.
मिलेट कैफे संचालन के लिए जितनी भी इच्छुक एवं पात्र संस्थाएं हैं, वे विज्ञापन जारी होने के 15 दिवस के भीतर अपना आवेदन आधिकारिक तौर पर प्रस्तुत कर सकती हैं. इस संबंध में किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी, नियम एवं शर्तें प्राप्त करने के लिए आवेदक कार्यालय उप संचालक कृषि राजनांदगांव में सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा जिले की अधिकारिक वेबसाईट का भी नियमित रूप से अवलोकन किया जा सकता है.
महिलाओं को मिलेगा रोजगार: इस अभिनव पहल से जहां एक ओर राजनांदगांव के नागरिकों को रागी, कोदो, कुटकी जैसे पौष्टिक मिलेट से बने स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर स्थानीय महिला स्वसहायता समूहों को बड़े पैमाने पर रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का एक शानदार अवसर प्राप्त होगा.
इसे भी पढ़ें:



