
राजनांदगांव। आगामी दीपावली पर्व के मद्देनजर कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और मिलावट की आशंका को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को जिले के प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों और मिठाई दुकानों का लगातार औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
चलती-फिरती प्रयोगशाला से हो रही जांच
कलेक्टर श्री यादव के निर्देश पर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग त्यौहारों के सीज़न को देखते हुए ‘अलर्ट मोड’ पर है। विभाग नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए चलित प्रयोगशाला के माध्यम से लगातार जांच कर रहा है।
निरीक्षण और जांच के मुख्य बिंदु:
* 60 नमूनों की जांच: विगत दिनों राजनांदगांव शहर में ठेला, टपरी और मिठाई दुकानों से 60 खाद्य नमूनों की मौके पर चलित प्रयोगशाला के माध्यम से जांच की गई।
* जांच परिणाम: इनमें से 54 नमूने मानक पाए गए, जबकि 6 नमूने अमानक मिले। अमानक पाए गए दुकान संचालकों को तत्काल आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
* विधिक कार्रवाई: राजनांदगांव शहर की हलवाई लाइन में दबिश देकर मेसर्स रामप्रसाद स्वीट, मोतीलाल हरिमोहन और अरिहंत सुपर बाजार से खोवा, मिल्ककेक, मैदा, बेसन सहित अन्य खाद्य सामग्री के नमूने विधिक जांच हेतु जब्त किए गए हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विक्रेताओं के लिए जरूरी निर्देश:
कलेक्टर ने मिठाई विक्रेताओं एवं निर्माताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपनी मिठाईयों और अन्य खाद्य सामग्री पर अनिवार्य रूप से निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि प्रदर्शित करें।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम त्यौहारों के दौरान जिले में बाहर से आयात होने वाले खोवा, पनीर, कुंदा और अन्य खाद्य सामग्री की भी विशेष निगरानी कर रही है, ताकि नागरिकों को केवल सुरक्षित खाद्य सामग्री ही मिल सके। यह जांच अभियान दीपावली तक लगातार जारी रहेगा।



