डोंगरगांव, आसरा: सूचना के अधिकार (RTI) के तहत ग्राम पंचायत आसरा के सचिव बिहारी लाल मंडावी द्वारा दी गई जानकारी में पंचायत में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। इन खुलासों से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
मुख्य अनियमितताएं:
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पानी टैंकर किराए में हेराफेरी: पंचायत द्वारा 1 जनवरी 2023 से 1 जनवरी 2025 तक पानी टैंकर से ₹1200 किराया प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, वर्ष 2024-2025 में “टूट-फूट” का हवाला देते हुए किराया प्राप्त नहीं होने की बात कही गई, जिसका सीधा अर्थ है कि टैंकर किराए पर नहीं भेजा गया। इसके बावजूद, चौंकाने वाली बात यह है कि वर्ष 2024-2025 में पानी ढुलाई के लिए थीसिस कुमार साहू को ₹11,340 का भुगतान किया गया है। यह स्पष्ट रूप से धन के दुरुपयोग और फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है।
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बिना बिल के भुगतान: ग्राम पंचायत आसरा द्वारा 71,756 रूपया का भुगतान किया गया है, लेकिन पंचायत में संबंधित बिल उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार, 24350 रुपया का भुगतान भी बिना किसी बिल के किया गया है। बिलों का उपलब्ध न होना सीधे तौर पर फर्जीवाड़ा और पैसों के गबन का संकेत देता है, क्योंकि ऐसा लगता है कि इन बिलों को जानबूझकर छुपाया गया है।

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग:
इन गंभीर अनियमितताओं के सामने आने के बाद, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला ग्राम पंचायत आसरा में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोलता है और प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
RTI के माध्यम से प्राप्त ये जानकारियां दर्शाती हैं कि किस प्रकार सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और जवाबदेही की कमी है। इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई से ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।



