सरकारी ‘इलेक्ट्रिक चाक’ बना मौत का कारण, मिट्टी के घड़े बनाते कुम्हार गंगाराम की करंट लगने से दर्दनाक मौत

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डोंगरगांव। थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोहका में रविवार की सुबह एक दुखद हादसा हो गया। इलेक्ट्रिक चाक से मिट्टी के घड़े बनाते समय अचानक करंट लग जाने से 50 वर्षीय कुम्हार गंगाराम कुम्भकार की मौत हो गई। चाक उन्हें शासन की ओर से जीविकोपार्जन के लिए माटी कला बोर्ड द्वारा दिया गया था।
घटना रविवार सुबह लगभग 8 बजे के आसपास गंगाराम कुम्भकार के घर के आंगन में हुई, जब वे रोज की तरह इलेक्ट्रिक चाक पर काम कर रहे थे। करंट की चपेट में आने के तुरंत बाद उन्हें डोंगरगांव स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद देर शाम परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद कोहका ग्राम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। गंगाराम कुम्भकार अपने पीछे अपनी पत्नी, दो लड़के और दो लड़कियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। घटना के वक्त घर में उनकी पत्नी और बहू मौजूद थीं।
गंगाराम के भाई हरि कुम्भकार ने बताया कि इलेक्ट्रिक चाक उन्हें माटी कला बोर्ड की ओर से जीविकोपार्जन के लिए मिला था।
वहीं, ग्राम पंचायत कोहका के सरपंच दानेश्वर शरद वैष्णव ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि गंगाराम कुम्भकार की करंट लगने से मौत हो गई है। उन्होंने गंगाराम के परिवार के लिए शासन से मुआवजे की मांग करने की बात कही है, ताकि उनके परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

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Author: Deepak Vaishnava

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