राजनांदगांव। जिला मुख्यालय स्थित स्पीकर हाऊस राजनांदगांव में आज एक बेहद संवेदनशील और गरिमामय कार्यक्रम संपन्न हुआ. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समाज कल्याण विभाग, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसी) और भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की. यह विशेष अवसर सैकड़ों दिव्यांगजनों की खुशियों का साक्षी बना. विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यक्रम में कुल 252 दिव्यांगजनों को 73 लाख 53 हजार रूपए की भारी लागत से तैयार 326 नि:शुल्क सहायक उपकरणों का वितरण किया.
फोटो: 1st Khabar 24 (स्पीकर हाऊस में दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल की चाबी सौंपते विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह)
राजनांदगांव बना प्रदेश का पहला अनूठा जिला
समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने जिला प्रशासन की इस सजग पहल की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि राजनांदगांव प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां 40 प्रतिशत वाले दिव्यांगजनों को भी मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदाय की जा रही है. इसके साथ ही, जिले में 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले 100 हितग्राहियों को भी यह आधुनिक सुविधा दी गई है. पहले यह लाभ केवल 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले नागरिकों को ही मिलता था. उन्होंने कहा कि जो दिव्यांगजन चिन्हांकन से शेष रह गए हैं, उनके लिए प्रशासन जल्द ही दोबारा विशेष शिविर का आयोजन करे.
इसी कड़ी में, विधानसभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि सीआरसी ठाकुरटोला जाने वाले पहुंच मार्ग के सड़क निर्माण हेतु डीएएमएफ मद से राशि स्वीकृत की जाएगी. इसके अलावा, जिन दिव्यांगजनों को वर्तमान में पेंशन नहीं मिल पा रही है, उन्हें वीबीरामजी योजना के तहत विशेष कार्ड प्रदान किया जाएगा. उन्होंने दिव्यांग भाई-बहनों से बैंक ऋण लेकर आत्मनिर्भर बनने और सम्मान के साथ रोजगार सृजन करने का आह्वान किया.
इन आधुनिक सहायक उपकरणों का हुआ नि:शुल्क वितरण
शासकीय रिपोर्ट के अनुसार, इस भव्य कार्यक्रम के दौरान कुल 326 अत्याधुनिक उपकरणों का वितरण सुगमता से किया गया. इसमें मुख्य रूप से 113 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 69 सामान्य ट्राईसाइकिल, 49 व्हील चेयर, 28 बैसाखी और 38 वाकिंग स्टिक शामिल रहीं. इसके साथ ही, 2 स्मार्ट फोन, 5 सुगम्य केन, 12 टीएलएम किट, 2 सिलिकॉन कुशन और 8 सीपी चेयर भी पात्र हितग्राहियों को प्रदान किए गए. कार्यक्रम में उपस्थित सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का स्मरण करते हुए सभी सहयोगी संस्थानों को साधुवाद दिया. महापौर श्री मधुसूदन यादव ने भी कहा कि दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं का ब्लू प्रिंट तैयार कर उन्हें निरंतर सहयोग दिया जा रहा है.
कलेक्टर ने प्रस्तुत किया जिले की उपलब्धियों का पूरा ब्योरा
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिला स्तरीय कार्ययोजना की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 12 हजार 673 दिव्यांगजन चिन्हांकित हैं. इनमें से अब तक 11 हजार 726 हितग्राहियों का डिजिटल यूडीआईडी कार्ड सफलतापूर्वक बनाया जा चुका है. यह कार्ड ही वह मुख्य आधार है, जिससे शासन की योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है. जिले में 5442 दिव्यांगजनों को मासिक पेंशन मिल रही है, जबकि 137 हितग्राहियों को स्वरोजगार हेतु ऋण उपलब्ध कराया गया है.
इसके अलावा, विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत पिछले वर्ष 14 दम्पत्तियों को 50-50 हजार रूपए की सम्मान राशि दी गई है. कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026-27 की नई कार्ययोजना का मुख्य फोकस केवल उपकरण देना नहीं, बल्कि कौशल विकास और शिक्षा के माध्यम से पुनर्वास सुनिश्चित करना है. अब प्रशासन सुगम्य भारत अभियान के तहत पूरे राजनांदगांव जिले को सुगम्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
इस गौरवशाली अवसर पर श्री संतोष अग्रवाल, श्री शिव वर्मा, श्री गोलू सूर्यवंशी, वर्षा सिन्हा, राजेश श्यामकर, भावेश बैद, उत्तम साहू उपस्थित रहे. प्रशासनिक स्तर पर पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरड़वार सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे. कार्यक्रम का सफल संचालन श्री दिलीप श्रीवास्तव द्वारा किया गया.
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