
खैरागढ़ | 1 अप्रैल 2026
खैरागढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ प्रेम और विश्वास के नाम पर एक 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को खौफनाक साजिश का शिकार बनाया गया। बालिका को प्रेम जाल में फंसाकर पहले उसका अपहरण किया गया और फिर सुनियोजित तरीके से चलती ट्रेन से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई। खैरागढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

खैरागढ़ पुलिस की गिरफ्त में जघन्य हत्याकांड के आरोपी
🛑 साजिश और खौफनाक अंत:
घटना 28 मार्च 2026 की है, जब ग्राम पिपरिया में शादी के रिसेप्शन से बालिका अचानक लापता हो गई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी **मोहन वर्मा (27 वर्ष)** का बालिका के साथ संबंध था। जब बालिका ने साथ रहने का दबाव बनाया, तो मोहन ने अपने साथी **हरीश वर्मा (31 वर्ष)** और एक नाबालिग के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए बालिका के कपड़े बदलवाए और उसका मोबाइल तोड़ दिया। इसके बाद वे डोंगरगढ़ से ट्रेन के जरिए बिलासपुर की ओर निकले। जयरामनगर स्टेशन के पास विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने बालिका को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
🚔 12 घंटे में खुलासा:
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। मुख्य आरोपी मोहन वर्मा ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि नाबालिग सहयोगी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
इस जघन्य अपराध को सुलझाने में थाना खैरागढ़, साइबर सेल और मस्तूरी (बिलासपुर) पुलिस की संयुक्त टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं।
Author: Deepak Vaishnava
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