
मोहड़/डोंगरगांव | 4 अप्रैल 2026
डोंगरगांव के समीपस्थ ग्राम मोहड़ में पिछले तीन दिनों से भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। श्री शिव मंदिर समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के तत्वाधान में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का भव्य समापन हुआ। 1 अप्रैल से 3 अप्रैल तक चले इस दिव्य आयोजन ने समूचे क्षेत्र को शिवमय कर दिया, जहाँ भक्ति की अविरल धारा में हजारों श्रद्धालु सराबोर हुए।
✨ छत्तीसगढ़ी अंदाज़ में ज्ञान की अमृत वर्षा:
कथा के मुख्य वक्ता, छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कथावाचक पण्डित कामता प्रसाद रहे। उन्होंने अपने विशेष ‘चुटीले’ और सहज छत्तीसगढ़ी अंदाज में शिव चरित्र का ऐसा जीवंत वर्णन किया कि हजारों श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। संकीर्तन और सरल भाषा के अनूठे संगम ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। डोंगरगांव क्षेत्र में पहली बार उनके इस निराले अंदाज़ को सुनने हजारों की भीड़ उमड़ी।
पंडित कामता प्रसाद जी
🎨 शिव-पार्वती विवाह और दिव्य झांकी
समापन दिवस पर शिव-पार्वती विवाह के प्रसंग को छत्तीसगढ़ की लोक वैवाहिक परंपराओं और पारंपरिक गीतों के साथ जीवंत किया गया। भगवान शिव द्वारा विष पान और समुद्र मंथन की मार्मिक कथा के बाद निकाली गई शिव विवाह की मनमोहक झांकी ने सभी का मन मोह लिया। पूर्णाहुति के पश्चात आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने सादर महाप्रसाद ग्रहण किया।
संपादकीय टिप्पणी: ऐसे धार्मिक आयोजनों से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी नया बल मिलता है। मोहड़ का यह भव्य आयोजन क्षेत्र के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।
Author: Deepak Vaishnava
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