
राजनांदगांव/डोंगरगांव:(1stkhabar24)। छत्तीसगढ़ में सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत जानकारी छिपाने वाले अधिकारियों पर अब गाज गिरने वाली है। दरअसल, डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत आसरा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इस प्रकरण में संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
क्या है पूरा मामला?
पत्रकार दीपक कुमार वैष्णव ने ग्राम पंचायत आसरा के विकास कार्यों से जुड़ी जानकारी आरटीआई के तहत मांगी थी। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी जन सूचना अधिकारी ने जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद, प्रथम अपील में भी कोई ठोस संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिणामस्वरूप, आवेदक ने राज्य सूचना आयोग की शरण ली।
आयोग ने दी अंतिम चेतावनी
राज्य सूचना आयोग ने अब अपील प्रकरण क्रमांक A/420230616000234 पर कड़ा संज्ञान लिया है। इसके साथ ही, आयोग ने सुनवाई के लिए 7 अप्रैल 2026 की तारीख तय की है। यह सुनवाई दोपहर 12:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (NIC राजनांदगांव) के माध्यम से संपन्न होगी।
अधिकारियों पर लग सकता है जुर्माना
आयोग ने जन सूचना अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे 30 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि अधिकारी दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर आरटीआई अधिनियम की धारा 20(1) के तहत आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। फिलहाल, इस कार्रवाई से लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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👉 https://rtionline.cg.gov.in/
”पारदर्शिता लाएं, भ्रष्टाचार मिटाएं – सूचना का अधिकार अपनाएं।”
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