राजनांदगांव (1stkhabar24)। जिला प्रशासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान अवैध धान के परिवहन एवं धान उपार्जन केन्द्रों में खपाने का प्रयास करने पर की गई सख्त कार्रवाई के बाद अब जप्त किए गए धान और वाहनों को मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मंडी शुल्क जमा कर वापस पा सकेंगे वाहन
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार, जिन प्रकरणों के मामले व्यवहार न्यायालय में लंबित नहीं हैं, उन्हें मंडी शुल्क की वसूली के उपरांत छोड़ा जाएगा। छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 के प्रावधानों के तहत इन प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है।
200 से अधिक प्रकरणों पर हुई थी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि धान खरीदी की अवधि के दौरान जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम ने कोचियों और बिचौलियों के विरूद्ध अभियान चलाया था। इस दौरान 200 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए थे, जिनमें भारी मात्रा में धान के साथ-साथ परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को भी जप्त किया गया था।
मुक्ति की प्रक्रिया और नियम
वर्तमान में जो मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं, उन्हें छोड़कर शेष सभी मामलों में नियमानुसार मंडी टैक्स की गणना की जाएगी। संबंधित पक्षों द्वारा निर्धारित मंडी शुल्क और पेनल्टी की राशि जमा करने के उपरांत, जप्त धान और वाहनों को जप्ती से मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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